बचपन पर कविता

जन्म से लेकर किशोरावस्था तक के आयु काल को कहते है। विकासात्मक मनोविज्ञान में, बचपन को शैशवावस्था (चलना सीखना), प्रारंभिक बचपन (खेलने की उम्र), मध्य बचपन (स्कूली उम्र), तथा किशोरावस्था (वयः संधि) के विकासात्मक चरणों में विभाजित किया गया है। इसी प्यारे बचपन पर ही आधारित है यह बचपन पर कविता

बचपन पर कविता

बचपन पर कविता

मेरा बचपन- मीना रानी

याद आता है मुझे
मेरा बचपन
वो बेफिक्री
वो खेलना-कूदना
मस्ती करना
धूप में भी
पेड़ पर चढ़ना
मिट्टी में खेलना
बड़ा भाई डांटे तो
छोटों का दुलारना
छोटा डांटे तो
बड़े द्वारा दुलारना
मम्मी द्वारा
छोटे-छोटे काम सिखाना
स्कूल की बातें
सहेलियों का साथ
जाता नहीं भुलाया
बहुत याद आता है
मुझे मेरा बचपन

-मीना रानी, टोहाना, जिला फतेहाबाद (हरियाणा)

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