KAVITA BAHAR
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कविता-बस वही परिवार है,नमिता कश्यप

कविता-बस वही परिवार है
परिवार के प्रेम और महत्व को प्रदर्शित करती प्यारी सी कविता
नमिता कश्यप

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कविता-बस वही परिवार है

माता-पिता का लाड़ है,अपनों का और दुलार है।
गलती करें तो डाँट भी,पर मन में प्रेम अपार है।
बस वही परिवार है,हाँ वही परिवार है।

सब बातें होतीं पास में, जब साथ बैठें रात में,
बातों ही बातों में बढ़े जो,मीठी सी तकरार है,
बस वही परिवार है,हाँ वही परिवार है।

ना किसी की जीत है और ना किसी की हार है,
एक-दूजे की खुशी,जीवन का सबके सार है,
जब साथ हो विश्वास हो,खुद चलके आती बहार है,
बस वही परिवार है,हाँ वही परिवार है।

प्यार जिसकी नींव है,सम्मान ही आधार है,
हैं जुड़े रहते दिलों से दिल के हरदम तार हैं,
सब साथ मिलकर काटते,मुश्किल का हर जो पहाड़ है,
बस वही परिवार है,हाँ वही परिवार है।

नमिता कश्यप

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8 Comments
  1. नमिता कश्यप says

    धन्यवाद

  2. Rina sharma says

    Amazing

  3. Divya says

    Awesome 👌👌

  4. Vishal says

    Buht hu Achi Kavita hai….Aapne parivar ki values ko buht achaa bataya hai

  5. Dr. Ajaya says

    बहुत सुन्दर कविता है!

  6. Sudhir Kumar Sharma says

    बहुत खूब, बहुत सुन्दर विचार l

  7. Ashish Sharma says

    Bhut bhdiya .

  8. Himanshu Sharma says

    Bahut acchi kavita behna