मन और भावनाएँ

सैनिक व सिपाही को अर्पित दोहा पच्चीसी

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सैनिक व सिपाही को अर्पित दोहा पच्चीसी १बलिदानी पोशाक है, सैन्य पुलिस परिधान।खाकी वर्दी मातृ भू, नमन शहादत मान।। २खाकी वर्दी गर्व से, रखना स्व अभिमान।रक्षण गुरुतर भार है, तुमसे देश महान।। ३सत्ता शासन स्थिर नहीं, है स्थिर सैनिक शान।देश विकासी स्तंभ है, सेना पुलिस समान।। ४देश धरा अरु धर्म हित, मरते वीर सपूत।मातृभूमि मर्याद

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हरिवंशराय बच्चन की १० लोकप्रिय रचनाएँ

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हरिवंशराय बच्चन की १० लोकप्रिय रचनाएँ सादर प्रस्तुत हैं आत्‍मपरिचय / हरिवंशराय बच्‍चन मैं जग-जीवन का भार लिए फिरता हूँ,फिर भी जीवन में प्‍यार लिए फिरता हूँ;कर दिया किसी ने झंकृत जिनको छूकरमैं सासों के दो तार लिए फिरता हूँ! मैं स्‍नेह-सुरा का पान किया करता हूँ,मैं कभी न जग का ध्‍यान किया करता हूँ,जग

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हिंदी संग्रह कविता-एकता अमर रहे

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एकता अमर रहे देश है अधीर रे!अंग-अंग पीर रे!वक्त की पुकार पर,उठ जवान वीर रे!दिग्-दिगंत स्वर रहे!एकता अमर रहे!!एकता अमर रहे !! गृह-कलह से क्षीण आज देश का विकास है,कशमकश में शक्ति का सदैव दुरुपयोग है।हैं अनेक दृष्टिकोण, लिप्त स्वार्थ-साध में,व्यंग्य-बाण-पद्धति का हो रहा प्रयोग है।देश की महानता,श्रेष्ठता, प्रधानता,प्रश्न है समक्ष आज,कौन, कितनी जानता?सूत्र सब

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शीर्षक – मेरा प्यार( हिंदी कविता) रचयिता सुशील कुमार राजहंस

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शीर्षक – मेरा प्यार ( हिंदी कविता)
आज के प्रेम और पुराने प्रेम में अंतर और सोच का नजरिया
रचयिता सुशील कुमार राजहंस

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कविता की पौष्टिकता –

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विश्व कविता दिवस प्रतिवर्ष २१ मार्च को मनाया जाता है। यूनेस्को ने इस दिन को विश्व कविता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा वर्ष 1999 में की थी जिसका उद्देश्य को कवियों और कविता की सृजनात्मक महिमा को सम्मान देने के लिए था। कविता की पौष्टिकता – 19.04.21 ——————————————————–खाना बनाना बड़ा कठिन काम होता

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झाँसी की रानी- एक श्रद्धांजलि – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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इस रचना को झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई को समर्पित किया गया है इसमें उनकी चारित्रिक विशेषताओं की झलक मिलती है |झाँसी की रानी- एक श्रद्धांजलि – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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सचिन :- क्रिकेट का भगवान- कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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इस कविता में क्रिकेट के महान जादूगर सचिन तेंदुलकर की महान उपलब्धियों और उनके एक महान खिलाड़ी होने की भावना को चरितार्थ रूप में प्रस्तुत करने की एक कोशिश की है
सचिन :- क्रिकेट का भगवान- कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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मातृभूमि- कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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इस रचना में कवि एक वीर सैनिक की माँ की भावनाओं को व्यक्त कर रहा है जो अपनी माँ से कहकर गया था कि वो युद्ध जीतकर वापस लौटेगा किन्तु…….|
मातृभूमि- कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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14 दिसंबर ऊर्जा संरक्षण दिवस पर विशेष लेख

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विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस 14 दिसंबर को मनाया जाता है। दिन का उद्देश्य ऊर्जा की खपत के महत्व को उजागर करना है। यह दिवस शामिल मुद्दों पर तात्कालिकता की भावना पैदा करता है।

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कहानी कैसे लिखें

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कहानी, हिन्दी में गद्य लेखन की एक विधा है। उन्नीसवीं सदी में गद्य में इस नई विधा का विकास हुआ .कहानी कैसे लिखें यहाँ इस बात की जानकारी दी जा रही है

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