हिम्मत पर कविता (सरसी छन्द)
गर खोयेगा तू हिम्मत को,टूट जायगी आस।
धीरज मन में धारण करना,पाना मंजिल खास।
निश दिन हमको बढना होगा होना नहीं निराश।
कठिन परिश्रम करना सबको,मुश्किल होय हजार।
जबतक लक्ष्य न मिलता हमको,जीवन है निस्सार।
जिस दिन तुमने हिम्मत खोई,होगा तू लाचार।
भटक मरेगा इस जग प्यारे,जीवन है बेकार।
हँसते हँसते आगे बढना, सभी निराशा त्याग।
आखिर काम करेगी हिम्मत, जीवन हो अनुराग।
मिले सफलता उसको भैया,जो ले हिम्मत काम।
जग में होगा पूजित निशदिन,होगा उसका नाम।।
मदन सिंह शेखावत ढोढसर
