कवि पर कविता

कवि पर कविता

kavi sammelan

?मेरा मित्र
एक कवि को दूर से आता देख
अचानक रुकने लगा
बगल वाली गली में जाकर
न जाने क्यों छुपने लगा
मैंने कहा-यार
कवि से उधार लिया है पैसा
या चुराया है उसका भैंसा
अगर नहीं तो
कवि से तुझे क्या परेशानी है
वह तो कवि खानदानी है
इस तरह कवि से छुपना
कवि का अपमान है
कवि तो साक्षात
टाइमपास का सामान है
तुझे देखकर कवि
दुःख दर्द बाँट देता
?मित्र ने कहा-
क्या बताऊँ भाई साहब छुपने का कारण
बात नहीं है बिलकुल साधारण
कवि मुझसे मिलते ही
कविता मेरे कानों में पाट देता??
सुना सुनाकर कविता
दिमाग मेरा चाट देता?

?राजकिशोर धिरही

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top