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हिंदी संग्रह कविता-माँ ने हमें पुकारा है

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माँ ने हमें पुकारा है


वीर सपूतो! देशवासियो ! माँ ने हमें पुकारा है।
माता ने हमें पुकारा है, यह हिंन्दुस्तान हमारा है।


जागो अपनी संस्कृति, अपने पूज्य राष्ट्र से प्रेम करो,
इसके गत वैभव से अपने, युग का थोड़ा मेल करो।
सोचो क्या यह वही प्रेम से, पूरित राष्ट्र हमारा है। वीर…


राम यहीं पर कृष्ण यहीं पर और यहीं पर बुद्ध हुए।
सीता-सावित्री-चेनम्मा, और यहीं पर पुरु हुए।
गीता मानस और वेद की, बहती पावन धारा है। वीर…

ध्यान करो उनका जो हर पल, सीमा पर हैं डटे हुए।
मातृभूमि की रक्षा में हैं, सीना ताने खड़े हुए।
सोचो किनके वंशज हैं हम, क्या इतिहास हमारा है।


वीर सपूतो देशवासियो माँ ने हमें पुकारा है। माता ने….

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