KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मैं एक नारी हूँ

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मैं एक नारी हूँ

मुझसे ही इस सृष्टि का निर्माण हुआ है,
मैं ना कभी हारूँगी, ना मैं कभी हारी हूँ।

मेरा वजूद से ही कायम है इस दुनिया का वजूद,
मैं कोई उपभोग की वस्तु नही, मैं एक नारी हूँ।

कितने कारनामे अंजाम दिए मैंने, कितनो को पछाड़ा है,
आ जाऊं गर मैदान में तो मैं सौ पर भी भारी हूँ।

कभी पुलिस बनकर रक्षा करती हूं, कभी मैं एक खिलाड़ी हूँ,
राजनीति में गर हिस्सा लूं तो मैं भी सत्ताधारी हूँ।

मोम सी फितरत है मेरी, ममता की मैं मूरत हूँ,
क्रोधित कोई गर मुझे पाए तो मैं एक चिंगारी हूँ।

कितने अपराध होते है, जो बस मेरे ही खिलाफ होते है,
मुझको शिकार समझने वालों मैं भी एक शिकारी हूँ।

हर रूप में मैं ढल जाती हूँ, हर रिश्ते को आज़माती हूँ,
सहनशीलता की मूरत हूँ, ना समझना बेचारी हूँ।

Name – AZAD ASHARAF MADRE
From – CHIPLUN, MAHARASHTRA
Mobile No. 9970626968
Email – azadmadre@gmail.com