KAVITA BAHAR
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नारियों का सम्मान-महदीप जंघेल

इस कविता में महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है। सन्देश दिया गया है कि नारियों का सदैव सम्मान करें, हमेशा पूजनीय होती है। रचनाकार-महदीप जंघेल

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नारियों का सम्मान-महदीप जंघेल

जहाँ होता है बेटियों का सम्मान,
उस देश का बढ़ जाता है मान।।

अब दीवारों से बंधी ,नही रही बेटियाँ,
बड़े -बड़े सपने गढ़ रही बेटियाँ।।

जब तेज प्रचंड ,ज्वाला रूप धरती है!
तब धरती आकाश ,पाताल डोलती है।

नारी है देश समाज का मान,
दुर्गा ,काली, लक्ष्मी,इनके है नाम।।

जीवन रूपी नैया की,
पतवार बन जाती है,
वक्त पड़े जब,तलवार बन जाती है।

करो न कभी ,नारियों का अपमान,
क्षमा नही करेंगें, तुम्हे भगवान।।

नारियाँ होती है ,माँ के समान
बहु,बहन,बेटियाँ, इनके नाम।।

जो करे नारियों का मान सम्मान,
कहलाते है वही ,सच्चा इंसान।।

महदीप जंघेल
ग्राम-खमतराई
विकासखण्ड- खैरागढ़
राजनांदगांव(छ.ग.)

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