अपनी ही मूर्खता पर हँस पाना
हिंदी कविताLaughing at Your Own Idiocy(अपनी ही मूर्खता पर हँस पाना)(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) बुद्धिमान बनने कीशुरुआततभी होती है,जबतुम अपनी मूर्खतादेख पाते हो। मनुष्य होने का अर्थसिर्फ़ कोमलता नहीं—इसमेंउन्मादी क्रोध है,अविराम वासना है,बेईमानी कीभयानक खिंचाव है। ये कोई अपवाद नहीं,ये जीवन कीप्राकृतिक शक्तियाँ हैं।वे इसलिए नहीं उठतींकि तुम खराब हो,वे इसलिए उठती हैंक्योंकितुम जीवित हो।
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