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वह नूर पहचाना नहीं/ रेखराम साहू
क्यों? प्रीत बढ़ाई कान्हा से
मीत बना कर लो रख हे गिरधारी/गीता द्विवेदी
मेरे गिरधर, मेरे कन्हाई जी / रचयिता:-डी कुमार–अजस्र
गोकुल में कृष्ण जन्मोत्सव – बाबूराम सिंह
तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा-केवरा यदु “मीरा “
राधा कृष्ण के प्रेम कविता
नटखट नंद किशोर- नीरामणी श्रीवास
राधा और श्याम की प्रेम कविता
हो मुरलिया रे / केवरा यदु “मीरा”
कृष्ण पर आधारित कविता -मनीभाई नवरत्न
कृष्ण रासलीला
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