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फागुन में पलाश है रंगों भरी दवात
फागुन आ गया
बासंती फागुन
हसरतों को गले से लगाते रहे
कैसे जुगनू पकड़ूं?
किस मंजिल की ओर ?
सिर पर है चुनाव
स्वयंसिद्धा
गौरी पर दोहे
बेटा-बेटी में भेद क्यों पर कविता
गौरैया पर कविता
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दोहे
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