आओ खेल खेलें- दीपा कुशवाहा

“आओ खेल खेलें” एक कदम बढ़ाओ जोश दिखाओछुपे अपने प्रतिभाओं को होश में लाओजिम्मेदारियों की चादर में ढक गईअपनी खेल जिज्ञासा को जगाओमजबूती की ढाल पकड़कर तुमनई उम्मीदों को सजाओभूले बिसरे दोस्तों को बुलाओजिंदगी में थोड़ा आनंद लाओपरिवार के साथ मिलकर भीचलो थोड़ा खेल को सजाओंविलय होते बीमारियों से अनमोल जीवन को बचाओबचपन को याद … Read more

आओ खेलें खेल- वर्तिका दुबे

आओ खेलें खेल- वर्तिका दुबे आओ खेले खेल भइया आओ खेले खेल। खेल खेल में हो जाता है संस्कृतियों का मेल। खेल में होता दिमाग चुस्त शरीर स्वस्थ निरोगी। जीवन में आए संयम अनुशासन मन बन जाए योगी। आओ खेलें खेल – – – – – – – – अपनी दिनचर्या में हम खेलों को … Read more

काश मेरा भी भाई होता !! रक्षाबंधन पर कविता

रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ ।। रक्षाबंधन पर बहन के तरफ से भाई के लिए प्रेम भावना प्रकट किया है ।।

आओ खेल खेलें-रिंकीकाशी नरेश यादव

आओ खेल खेलें आओ जीवन के सतरंगी खेल खेले, अपनी कला को प्रदर्शित करें । चलो खुद मे एक विश्वास लाए, आओ हम एक खेल खेले । है नहीं हारने की चाहत ,ओैर नहीं है जीतने की उम्मीद ।बस खेल में डूब जाने का मन,आओ खेल खेले एक ऐसा । अस्तव्यस्त है बिन खेल जिंदगी … Read more

आओ मेरे श्याम -बिसेन कुमार यादव ‘बिसु’

shri Krishna

आओ मेरे श्याम -बिसेन कुमार यादव ‘बिसु’ जन्माष्टमी महोत्सव पर कविता गोपियों के संग रास रचैया तुम हो मेरे किशन कन्हैया।तेरे आराधक तुम्हें बुला रही है,चले आओ मेरे साॅंवरिया।। मीरा के प्रभु गिरधर नागर।राधा के तुम हो मुरलीधर।। मेरे लिए तो तुम श्रीराम हो।और तुम ही मेरे घनश्याम हो।। इस प्यासी नयन की प्यास बुझाने … Read more