KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

प्रयाण-गीत गाए जा!- गोपालप्रसाद व्यास

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प्रयाण-गीत गाए जा!- गोपालप्रसाद व्यास


प्रयाण-गीत गाए जा ! स्वर में स्वर मिलाए जा।
यह ज़िन्दगी का राग है, जवान जोश खाए जा!
प्रयाण-गीत गाए जा!


तू कौम का सपूत है, स्वतन्त्रता का दूत है,
निशान अपने देश का उठाए जा, उठाए जा!

प्रयाण-गीत गाए जा!


ये आँधियाँ पहाड़ क्या? ये मुश्किलों की बाढ़ क्या?
दहाड़ शेरे-हिन्द, आसमान को हिलाए जा!
प्रयाण-गीत गाए जा!


तू मातृभूमि के लिए, जला के प्राण के दिए,
नयी किरण प्रकाश की जगाए जा, जगाए जा!
प्रयाण-गीत गाए जा!


तू बाहुओं में आन भर, सगर्व वक्ष तानकर,
गुमान माँ के दुश्मनों का धूल में मिलाए जा!
प्रयाण-गीत गाए जा!


प्रयाण-गीत गाए जा! तू स्वर में स्वर मिलाए जा।
यह ज़िन्दगी का राग है, जवान गुनगुनाए जा!


गोपालप्रसाद व्यास

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