रिश्तों का ख़ून – 15 मई विश्व परिवार दिवस विशेष कविता
हिंदी कविताख़ून के रिश्ते सम्भालो,
रिश्तों का ना ख़ून करो।।
परिवार – सिर्फ पति-पत्नी और एक-दो बच्चों से ही नहीं बल्कि परिवार पूरा खानदान होता है। हमारे खून के रिश्ते ही मिलकर एक परिवार बनता है – राकेश सक्सेना
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