KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

तुम आ कर देख लो

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तुम्हारी वो आलमारी और कमरा
अब भी वैसी ही है
जैसे तुम छोड़ गए थे
अब भी सलीके से जमें
पोशाक और उनमें तुम्हारी खुश्बु
तुम आ कर देख लो
कैसे सजाया हमारा घर मैंने
तुम्हारी यादों के साथ मिलकर
तुम्हारी दस्तावेजों वाली दराज़
और उनमें सजी तुम्हारी लिखावट
वो किताबों का एक कोना
और तुम्हारा वो पसन्दीदा मेज़
जिसमें बैठ घण्टों पढ़ते थे
तुम्हारा वो प्यारा काफ़ी मग
और तुम्हारी इंक के छींटे
अब भी वैसी ही है
जैसे तुम छोड़ गए थे
तुम आ कर देख लो
तुम्हारे दिए तोहफ़े अब भी
बात करते हैं मुझ से
हर एक बात ताज़ी है
बिल्कुल तुम्हारी सांसों की तरह
हर पहलू में तुम हो
और मैं हूँ बिल्कुल वैसे
जैसे तुम छोड़ गए थे
तुम्हारी वो छोटी सी मटकी
और उससे जुड़े सभी किस्से
बातें यादें और अनगिन हिस्से
अब भी वैसी ही है
तुम आ कर देख लो
Dr. R ❤️

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