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📖 कुल 3087 कविताएँ मिलीं
प्रकृति और पर्यावरण
पेड़ धरा का हरा सोना है ये कैसा कलयुग आया हैअपने स्वार्थ के खातिरइंसान जो पेड़ काट रहा हैअपने ही पैर में कुल्हाड़ी मार रहा…
हिंदी कविता
गर्मी बनी बड़ी दुखदाई ताल-तलैया नदियाँ झरनें,कुँआ बावली सब सूख गए।महि अंबर पर त्राहिमाम है,जीवन संकट अब विकट भए ।। तपती धरती कहती हमको,अतिशय दोहन…
प्रकृति और पर्यावरण
पर्यावरण दूषित हुआ जाग रे मनुज जाग/सुधा शर्मा धानी चुनरी जो पहन,करे हरित श्रृंगार।आज रूप कुरूप हुआ,धरा हुई बेजार।सूना सूना वन हुआ,विटप भये सब ठूंठ।आन…
हिंदी कविता
ट्विंकल शर्मा-श्रध्दांजली धरती मांता सिसक रही है,देख के हैवानी करतूत!मां भी पछता रही है उसकी,मैने कैसे जन्मा ये कपुत!!पढ़कर खबरो को सैकड़ो,माताओ के अश्क गिरे!सोच…
हिंदी कविता
मैं छोटी सी टिवंकल मैं छोटी सी टिवंकल,क्या बताऊ क्या भोगा,आदमी के रूप में,राक्षस है ये लोगा ।मैं तो समझी उसको चाचा,मैं मुनियाँ छोटी सी,मैंने…
हिंदी कविता
अलीगढ़ में मासूम गुड़िया के साथ हुई घिनौनी हरक़त पर शासन को आइना दिखाती हुई कविता(Justice for twinkle )
हिंदी कविता
बलात्कार पर आक्रोश कविता तीन बरस की गुड़िया तिल तिल मरके आखिर चली गयी,आज अली के गढ़ में बिटिया राम कृष्ण की छली गयी,नन्हे नन्हे…
हिंदी कविता
मुक्तिबोध: एक आत्मसातात्मक प्रयास क्यों मैं रातों को सो नहीं पाताअनसुलझे सवालों का बोझ ढो नहीं पाता…रूचि, संस्कार, आदत सब भिन्न होते हुए भीक्यों मुक्तिबोध…
प्रकृति और पर्यावरण
जल से जीवन जगत चराचर जल से जीवन जगत चराचर जल ही है जीवन और प्राण जल बिन अस्तित्व नहीं कोई हैं समक्ष हमारे कई…
हिंदी कविता
आओ हम सौगंध उठाएँ प्रेम, सौहार्द्र, भ्रातृत्व भाव कीधरा पर अखंड ज्योति जलाएँभेदभाव न हो जाति धर्म काआओ हम सौगंध उठाएँ lईश्वर, अल्लाह, राम, रहीम…
हिंदी कविता
हमर गंवई गाँव 1 आबे आबे ग सहरिया बाबूहमर गंवई गाँवगड़े नही अब कांटा खोभातुंहर कुँवर पांवआबे आबे सहरिया बाबूहमर गंवई गाँव।। 2 गली गली…
हिंदी कविता
बचपन पर कविता चिलचिलाती हुई धूप मेंनंगे पाँव दौड़ जाना,याद आता है वो बचपनयाद आता है बीता जमाना।माँ डांटती अब्बा फटकारतेकभी-कभी लकड़ी से मारतेभूल कर…
