ममता का सागर है माँ
हिंदी कविताBeena .M
MA , MPhil Hindi
Hindi Lecturer
Palakkad,kerala
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Beena .M
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प्रेरणा दायक कविता- प्राणों से भी प्यारा देश- श्री सुमित्रानंदन पंत प्राणों से भी प्यारा, भारत, सब देशों से न्यारा है।प्राणों से भी प्यारा है। सब देशों से…. गंगा यमुना की धाराएँ, हिमगिरि की उत्तुंग शिखाएंकेशर की क्यारी नंदन वन, हरियाली केरल मन भाए।सागर अर्घ्य चढ़ाता नित-नित, शीष चरण रज धारा है। प्राणों से वर्षा
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प्रेरणा दायक कविता – लो आज बज उठी रणभेरी माँ कब से खड़ी पुकार रही पुत्रो निज कर में शस्त्र गहोसेनापति की आवाज हुई तैयार रहो, तैयार रहोआओ तुम भी दो आज विदा अब क्या अड़चन अब क्या देरी?लो आज बज उठी रणभेरी॥ पैंतीस कोटि लड़के-बच्चेजिसके बल पर ललकार रहेवह पराधीन बन निज गृह मेंपरदेशी
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सफलता तुम्हारे चरण चूम लेगी न हो साथ कोई, अकेले बढ़ो तुम,सफलता तुम्हारे चरण चूम लेगी।। सफलता….. सदा जो जगाये बिना ही जगा है,वही बीज पनपा पनपना जिसे था।घुना क्या किसी के उगाये उगा है,अगर उग सको तो उगो सूर्य से तुमप्रखरता तुम्हारे चरण चूम लेगी| सफलता तुम्हारे चरण चूम लेगी | सही राह को
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यह एक गीत है जिसमे मुहब्बत के विभिन्न पहलुओं को दिखाया गया है |
तेरी खामोश निगाहें – गीत – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता ” अंजुम “
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इस कविता के माध्यम से कवि जिन्दगी को बेहतर तरीके से जीने को प्रेरित कर रहा है |
पीर दिल की छुपाने की जरूरत क्या है – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता ” अंजुम ”
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कविता-बस वही परिवार है
परिवार के प्रेम और महत्व को प्रदर्शित करती प्यारी सी कविता
नमिता कश्यप
बस वही परिवार है (परिवार पर कविता )- नमिता कश्यप Read More »
इस कविता में कवि ने प्राकृतिक आपदाओं के माध्यम से मानव को जागृत करने की एक कोशिश की है |
हिमालय कर रहा हुंकार है – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता ” अंजुम “
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इस कविता में आज के वर्तमान सामाजिक परिदृश्य को चरितार्थ करने की एक कोशिश की गयी है |
सस्ते क्यों इतने कफ़न हो गए – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता ” अंजुम “
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प्रेरणा दायक कविता – हिम्मत कभी न हारो तुम मनुष्य हो, शक्ति तुम्हारे जीवन का संबल है।और तुम्हारा अतुलित साहस गिरि की भाँति अचल है।तो साथी केवल पल भर को माया मोह बिसारो। हिम्मत… मत देखो कितनी दूरी है, कितना लम्बा मग है।और न सोचो साथ तुम्हारे, आज कहाँ तक जग है।लक्ष्य-प्राप्ति की बलिदेवी पर,
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राज्य और देश में अभी कोरोना महामारी फैला हुआ है।
सब लोग परेशान है। कई लोगो की दुनिया उजड़ चुकी है।लोग अपनो को खो चुके है। अतः घर में रहे सुरक्षित रहे।
अपने आत्मविश्वास को मजबूत रखे। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे। हम सभी मिलकर कोरोना को जरूर हराएंगे।
जरूर हारेगा कोरोना।
कभी सोचा न था- कविता – महदीप जंघेल Read More »
प्रेरणा दायक कविता – बढ़े चलो न हाथ एक शस्त्र हो, न साथ एक अस्त्र हो,न अन्न, नीर, वस्त्र हो, हटो नहीं डटो वहीं बढ़े चलो…. रहे समक्ष हिम-शिखर, तुम्हारा प्रण उठे निखर,भले ही जाए तन बिखर, रुको नहीं, झुको नहीं बढ़े चलो.. घटा गिरी अटूट हो, अधर में कालकूट हो,वही अमृत का घूट हो,
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