सरस्वती माँ पर कविता-बाबू लाल शर्मा बौहरा
हिंदी कवितासरस्वती माँ पर कविता शारदे आप ही आओ।कंठ मेरे तुम्ही गाओ।शान बेटी सयानी के।बात किस्से गुमानी के। धाय पन्ना बनी माता।मान मेवाड है पाता।पद्मिनी की कहानी है।साहसी जो रुहानी है। बात झाँसी महारानी।शीश हाड़ी दिए मानी।वीर ले जा निशानी है।बात सारी सिखानी है। बेटियों को बचानी है।शान शिक्षा दिलानी है।कर्म कर्त्तव्य भी जानें।वक्त की माँग
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