स्वच्छता पर कविता
हिंदी कवितास्वच्छता पर कविता पृथ्वी की सबसे बड़ी आवश्यकता,हो कण- कण में स्वच्छता। चलता, तैरता, उड़ता जहर ,मानव हो जागरूक ..नहीं तो बरसेगा कहर। दूषित जल, थल ,वायु, कचरा-कूड़ा, प्लास्टिक की चौफेरेभरमार, भूल रहा हैं सब अपना कर्तव्य वयवहार। शुचि क्रियाएं स्वास्थ्य का है जीवन आधार,वरना महामारी, गंदगी प्रदुषण बनेगा अकाल मृत्यु का जिम्मेदार। आओ करें […]
