कविता बहार

कृष्ण जन्माष्टमी पर कविता

हिंदी कविता

कृष्ण जन्माष्टमी पर कविता: ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था और वे अपने सबसे बड़े वर्ष के अधिनायक बने थे। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण – देवकी और वासुदेव के पुत्र – का जन्म मथुरा के राक्षस राजा कंस को नष्ट करने के लिए हुआ था। ओ प्यारे

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रक्षाबंधन पर कविता

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रक्षाबंधन पर कविता: रक्षा बंधन, या राखी, भाई-बहनों के बीच अटूट प्यार को दर्शन देने के लिए मनाया जाता है। यह त्यौहार अप्राकृतिक श्रावण मास (सावन माह) की पूर्णिमा तिथि (पूर्णिमा दिवस) पर आधारित है। इस दिन बहन पूजा- माणिक्य वैज्ञानिकों की कलाइयों पर राखियां बांधती हैं और उनके स्वास्थ्य एवं जीवन में सफल होने

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गुरु पूर्णिमा पर कविता

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गुरु पूर्णिमा पर कविता: गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महर्षि वेद व्यास को समर्पित है क्योंकि आज ही के दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इस दिन शिष्य अपने गुरुओं की पूजा करते हैं… गुरुस्तुति गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु ,गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः । गुरुवर मेरा उद्धार करो o आचार्य

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नव वर्ष पर कविता

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नव वर्ष आया o आचार्य मायाराम ‘पतंग’ नया वर्ष आया नया वर्ष आया । नया वर्ष लेकर नया वर्ष आया ।। उठो तुम नया आज उत्साह लेकर । चलो साथियों हाथ में हाथ लेकर । सतत युद्ध में वीरता से लड़ो तुम । कठिन पथ में धीरता से बढ़ो तुम ॥ प्रगति पथ खुला है

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28 मई वीर सावरकर पुण्यतिथि पर कविता

मन और भावनाएँ

वह पहला देशभक्त ● राजेंद्र राजा वह पहला देशभक्त जिसने सब वस्त्र विदेशी जलवाए। स्वराज स्वदेशी मंत्र दिया सब उसके साथ चले आए। वह पहला अमरपुत्र जिसने पूरी आजादी माँगी थी। उसके कदमों की आहट से भारत की जनता जागी थी॥ वह पहला वीर पुरुष जिसने लंदन में बिगुल बजाया था । प्रवासी भारत वीरों

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23 मार्च सरदार भगतसिंह बलिदान दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

भगतसिंह बलिदान दिवस पर कविता: इस दिन को बेहद विचित्र दिन के रूप में याद किया जाता है। वहीं 23 मार्च को भगत सिंह (भगत सिंह), राजगुरु (राजगुरु) और सुखदेव (सुखदेव) को फाँसी दे दी गई थी। इसलिए 23 मार्च को अमर शहीद के बलिदान को याद करके शहीद दिवस मनाया जाता है। इस दिन

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25 दिसंबर वीर ऊधम सिंह पुण्यतिथि पर कविता

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“वीर उधम सिंह” जिन्होंने जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड का बदला लिया / इतिहास स्मृति -13 मार्च 1940. अमर शहीद ऊधम सिंह ने 13 अप्रैल, 1919 ई. को पंजाब में हुए भीषण जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के उत्तरदायी माइकल ओ’डायर की लंदन में गोली मारकर हत्या करके निर्दोष भारतीय लोगों की मौत का बदला लिया था। जिस लिए 25 दिसंबर

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mahatma gandhi

30 जनवरी महात्मा गांधी पुण्यतिथि पर कविता

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महात्मा गांधी पुण्यतिथि पर कविता • बाबूलाल शर्मा ‘प्रेम’ स्वतन्त्रता के अमर पुजारी, सत्य-अहिंसा के व्रतधारी ! बापू, तुम्हें प्रणाम बापू, तुम्हें प्रणाम ! देश-प्रेम का पाठ पढ़ाने, दुखियों का दुःख-दर्द मिटाने । प्राण देश के लिए दे दिए और गए सुर-धाम ! बापू, तुम्हें प्रणाम बापू, तुम्हें प्रणाम ! लड़ते रहे न्याय के हित

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गोपालकृष्ण गोखले पुण्यतिथि पर कविता

समाज और यथार्थ

इसे सुनेंगोपाल कृष्ण गोखले (9 मई 1866 – 19 फरवरी 1915) भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी, विचारक एवं सुधारक थे। महादेव गोविन्द रानडे के शिष्य गोपाल कृष्ण गोखले को वित्तीय मामलों की अद्वितीय समझ और उस पर अधिकारपूर्वक बहस करने की क्षमता से उन्हें भारत का ‘ग्लेडस्टोन’ कहा जाता है। गोपालकृष्ण गोखले पुण्यतिथि पर

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13 अप्रैल बेगुनाहों पर बमों की बौछार पर कविता

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● सरयू प्रसादर बेगुनाहों पर बमों की बेखबर बौछार की, दे रहे हैं धमकियाँ बंदूक की तलवार की । बागे-जलियाँ में निहत्थों पर चलाई गोलियाँ, पेट के बल भी रेंगाया, जुल्म की हद पार की ॥ हम गरीबों पर किए जिसने सितम बेइंतिहा, याद भूलेगी नहीं उस डायरे-बदकार की । या तो हम भी मर

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13 अप्रैल जलियाँवाला बाग की वेदी पर कविता

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जलियाँवाला बाग की वेदी पर कविता नहीं लिया हथियार हाथ में ● माखनलाल चतुर्वेदी नहीं लिया हथियार हाथ में, नहीं किया कोई प्रतिकार, ‘अत्याचार न होने देंगे’, बस इतनी ही थी मनुहार । सत्याग्रह के सैनिक थे ये सब सहकर रहकर उपवास, वास बंदियों में स्वीकृत था, हृदय-देश पर था विश्वास । मुरझा तन था,

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31 अक्टूबर इंदिरा गांधी पुण्यतिथि पर कविता

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31 अक्टूबर इंदिरा गांधी पुण्यतिथि पर कविता ये जमीं रो पड़ी ● राजेंद्र राजा ये जमीं रो पड़ी आसमाँ रो पड़ा । भोर होते ही सारा जहाँ रो पड़ा ।। छोड़कर साथ सबका जुदा जब हुई। राह चलता हुआ कारवाँ रो पड़ा ।। यूँ अकारण ही सोते हुए देखकर । गाँव, कूँचा, गली हर मकाँ

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