कविता बहार

माता शारदे वंदन

हिंदी कविता

माता शारदे वंदन करूँ -भुवन बिष्ट माता शारदे वंदन करूँ।                     मिले अब वरदान।।वाणी में विराजती माता।                       सदा देना ज्ञान।।आलोकित हो हर पथ मेरा।                       लेखनी पहचान।।होवे विनती यह बार बार।                      माता हो महान।।सदा सदा सच पथ पर होता।                     मातु का गुणगान।।वीणावादनी माता सदा।                      मिट जाये अज्ञान।।                     …भुवन बिष्ट             रानीखेत, उत्तराखंड ======================

माता शारदे वंदन Read More »

जब होगा महक मिलन

हिंदी कविता

जब होगा महक मिलन मिला किताब में सूखा गलाब,देख फिर  ताजगी सी आई। याद आ गया वो सारा मंजरफिर खुद से खुद ही शरमाई। वो हसीन पल थे खुशियों भरासाज बजा ज्यो रागिनी आई। धड़कने दिल  की हुई बेकाबूगात ने ली फिर से अंगड़ाई। अब जब होगा “महक” मिलनसोंच अंग में सिहरन भर आई।  

जब होगा महक मिलन Read More »

village based Poem

आना कभी गाँव में – बलवंत सिंह हाड़ा

हिंदी कविता

ग्राम या गाँव छोटी-छोटी मानव बस्तियों को कहते हैं जिनकी जनसंख्या कुछ सौ से लेकर कुछ हजार के बीच होती है। प्रायः गाँवों के लोग कृषि या कोई अन्य परम्परागत काम करते हैं। गाँवों में घर प्रायः बहुत पास-पास व अव्यवस्थित होते हैं। परम्परागत रूप से गाँवों में शहरों की अपेक्षा कम सुविधाएँ होती हैं। विकिपीडिया

आना कभी गाँव में – बलवंत सिंह हाड़ा Read More »

गरीबी पर कविता

हिंदी कविता

नज़र अंदाज़ करते हैं गरीबी को नज़र अंदाज़ करते हैं गरीबी को सभी अब तो।भुलाकर के दया ममता सधा स्वारथ रहे अब तो। अहं में फूल कर चलता कभी नीचे नहीं देखा,मिले जब सीख दुनियाँ में लगे ठोकर कभी अब तो। बदल देता नज़ारा है सुई जब वक्त की घूमे,भले कितना करें अफ़सोस समय लौटे

गरीबी पर कविता Read More »

विदाई गीत /कविता

हिंदी कविता

तुम रुक न सको सौजन्य-अरुणा श्रीमाली तुम रुक न सको तो जाओ, तुम जाओ.. तुम रुक न सको तो जाओ, तुम जाओ… पढ़-लिख कर विश्राम न करना कर्म-क्षेत्र में आगे बढ़ना । यही कामना आज हमारी, तुम्हें इसे है पूरी करना । अपना भविष्य बनाओ, तुम जाओ ॥ विदा कर रहे आज तुम्हें हम, हृदय

विदाई गीत /कविता Read More »

स्वागत समारोह गीत /कविता

हिंदी कविता

[1] उल्लास भरे दिल से ० सौजन्य-प्रतिभा गोयल उल्लास भरे दिल से हम स्वागत करते हैं आंगन में बहार आई, औ’फूल बरसते हैं। उल्लास भरे दिल से….. ल पलकों से है प्रियवर, यह पंथ हमारा है। अरमान भरे दिल में, हम खुशियाँ मनाते हैं ।। उल्लास भरे दिल से. घड़ियाँ ये सुहानी हैं, खुशियों का

स्वागत समारोह गीत /कविता Read More »

patang subh makar sankranti

मकर संक्रान्ति पर सुमित्रानंदन पंत की कविता

समाज और यथार्थ

14 जनवरी के बाद से सूर्य उत्तर दिशा की ओर अग्रसर (जाता हुआ) होता है। इसी कारण इस पर्व को ‘उतरायण’ (सूर्य उत्तर की ओर) भी कहते है। और इसी दिन मकर संक्रान्ति पर्व मनाया जाता है. जो की भारत के प्रमुख पर्वों में से एक है।  सुमित्रानंदन पंत जन पर्व मकर संक्रांति आजउमड़ा नहान को

मकर संक्रान्ति पर सुमित्रानंदन पंत की कविता Read More »

सरस्वती-पूजन वसंत पंचमी पर कविता

हिंदी कविता

बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मतान्तरों के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर ज्ञान, विद्या, कला, साहित्य और संगीत की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था। बसंत पंचमी के दिन से ही बसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इसके बाद से सर्दियाँ धीरे-धीरे-धीरे-धीरे

सरस्वती-पूजन वसंत पंचमी पर कविता Read More »

वाल्मीकि जयंती पर कविता

हिंदी कविता

वाल्मीकि जयंती पर कविता: सनातन धर्म में महर्षि वाल्मिकी को प्रथम कवि मनाया गया। दूसरी ओर महान ग्रंथ रामायण की रचना थी। वाल्मिकी जयन्ती महर्षि के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। एक भगवान् आप o आचार्य मायाराम ‘पतंग’ एक भगवान् आप थे मानव महा मृत्तिका का ढेर अपने शीश पर कैसे सहा ?

वाल्मीकि जयंती पर कविता Read More »

विजयादशमी पर कविता

हिंदी कविता

देशभर में दशहरे (Dussehra) के त्योहार पर रावण का पुतला दहन करने की परंपरा है. विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी. नौ दिन की नवरात्रि के दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है और दशहरे से 21वें दिन पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. हे राम तुम्हारी महिमा o आचार्य

विजयादशमी पर कविता Read More »

कृष्ण जन्माष्टमी पर कविता

हिंदी कविता

कृष्ण जन्माष्टमी पर कविता: ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था और वे अपने सबसे बड़े वर्ष के अधिनायक बने थे। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण – देवकी और वासुदेव के पुत्र – का जन्म मथुरा के राक्षस राजा कंस को नष्ट करने के लिए हुआ था। ओ प्यारे

कृष्ण जन्माष्टमी पर कविता Read More »

रक्षाबंधन पर कविता

हिंदी कविता

रक्षाबंधन पर कविता: रक्षा बंधन, या राखी, भाई-बहनों के बीच अटूट प्यार को दर्शन देने के लिए मनाया जाता है। यह त्यौहार अप्राकृतिक श्रावण मास (सावन माह) की पूर्णिमा तिथि (पूर्णिमा दिवस) पर आधारित है। इस दिन बहन पूजा- माणिक्य वैज्ञानिकों की कलाइयों पर राखियां बांधती हैं और उनके स्वास्थ्य एवं जीवन में सफल होने

रक्षाबंधन पर कविता Read More »

Scroll to Top