जब लेखनी मुँह खोलती है
हिंदी कविताजब लेखनी मुँह खोलती है जिंदगी में कुछ अपनो के किस्से खास होते हैंछलते हैं वे ही हमें जो दिल के पास होते हैं।वंचना भी करते हैंफिर भी खुशी की आस होते हैंलहरों के नर्तन में नाविक का विश्वास होते हैं। न जाने क्यों फिर भी हम उनके साथ होते हैंवे ही हमारी सुबह शाम
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