हिंदी कविता

मुकुटधर पांडेय की लोकप्रिय कवितायेँ

समय और जीवन दर्शन

यहाँ पर मुकुटधर पांडेय की कुछ लोकप्रिय कवितायेँ प्रस्तुत की जा रही हैं जो भी आपको अच्छा लगे कमेट कर जरुर बताएँगे मेरा प्रकृति प्रेम / मुकुटधर पांडेय हरित पल्लवित नववृक्षों के दृश्य मनोहरहोते मुझको विश्व बीच हैं जैसे सुखकरसुखकर वैसे अन्य दृश्य होते न कभी हैंउनके आगे तुच्छ परम ने मुझे सभी हैं ।

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श्रीमती पदमा साहू की 10 कवितायेँ

समाज और यथार्थ

नारी का साहस जग में नारी का अवतार चार,माता , भार्या, पुत्री, बहना।सौम्य स्वभाव ,त्याग ,सेवा ,नारी का है अद्भुत गहना।नारी साहस, प्रेरणा की मूर्ति ,ममता ,वात्सल्य नारी का खजाना।नारी है गृहस्ती का पहिया,परिवार की आस्था और भावना।रणक्षेत्र में दुर्गा ,लक्ष्मी नारी ।समाज रक्षक शत्रु संहारणा ।प्राचीन नारी का गौरव देखो ,बनके उभरी सामाजिक संरचना।पशु

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व्यक्तित्व विशेष कविता संग्रह

कुंवर नारायण की लोकप्रिय कवितायेँ

हिंदी कविता

यहाँ पर कुंवर नारायण की लोकप्रिय कवितायेँ दिए जा रहे हैं जो भी आपको अच्छी लगे उसे आप कमेंट कर हमें जरुर बताएं बीमार नहीं है वह / कुंवर नारायण बीमार नहीं है वहकभी-कभी बीमार-सा पड़ जाता हैउनकी ख़ुशी के लिएजो सचमुच बीमार रहते हैं। किसी दिन मर भी सकता है वहउनकी खुशी के लिएजो

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भारतेंदु हरिश्चंद्र की लोकप्रिय कवितायेँ

प्रकृति और पर्यावरण

यहाँ पर भारतेंदु हरिश्चंद्र की लोकप्रिय कवितायेँ के पढेंगे . आपको जो भी कविता अच्छी लगे कमेंट करके जरुर बताएं

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सोहनलाल द्विवेदी की लोकप्रिय कवितायेँ

हिंदी कविता

जी होता चिड़िया बन जाऊँ / सोहनलाल द्विवेदी जी होता, चिड़िया बन जाऊँ!मैं नभ में उड़कर सुख पाऊँ! मैं फुदक-फुदककर डाली पर,डोलूँ तरु की हरियाली पर,फिर कुतर-कुतरकर फल खाऊँ!जी होता चिड़िया बन जाऊँ! कितना अच्छा इनका जीवन?आज़ाद सदा इनका तन-मन!मैं भी इन-सा गाना गाऊँ!जी होता, चिड़िया बन जाऊँ! जंगल-जंगल में उड़ विचरूँ,पर्वत घाटी की सैर

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हर तरफ है भ्रष्टाचार – आशीष कुमार

समाज और यथार्थ

प्रस्तुत गीत का शीर्षक “हर तरफ है भ्रष्टाचार है” जोकि आशीष कुमार (मोहनिया, कैमूर, बिहार) की रचना है. इसे वर्तमान समाज में फैले भ्रष्टाचार को आधार मानकर रचा गया है. इस रचना के माध्यम से बताया गया है कि हमारे समाज में भ्रष्टाचार कितनी गहरी पैठ बना चुका है.

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विनोद सिल्ला की व्यंग्य कवितायेँ

हिंदी कविता

यहाँ पर विनोद सिल्ला की व्यंग्य कवितायेँ प्रकाशित की गयी हैं आपको कौन सी अच्छी लगी कमेंट कर जरुर बताएँगे दो-दो भारत वंचितों  की  बस्तियां  इस  ओर  हैं,सम्पन्नों  की  बस्तियां  उस ओर  हैं, उधर महके  सम्पन्नता  में  छोर-छोर,इधर अभावग्रस्त  है  हर  कोर-कोर, उधर पकवानों की  महक  उठी  है,इधर पतीली उपेक्षित  सी  पड़ी  है, उधर पालतू

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सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रसिद्ध कवितायेँ

समय और जीवन दर्शन

यहाँ पर सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रसिद्ध कवितायेँ के बारे में बताया गया है , आपको कौन सी अच्छी लगी कमेंट कर जरुर बताएं खँडहर के प्रति / सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” खँड़हर! खड़े हो तुम आज भी?अदभुत अज्ञात उस पुरातन के मलिन साज!विस्मृति की नींद से जगाते हो क्यों हमें–करुणाकर, करुणामय गीत सदा गाते हुए?

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श्रीधर पाठक की 10 लोकप्रिय कवितायेँ

प्रकृति और पर्यावरण

यहाँ पर श्रीधर पाठक की 10 लोकप्रिय कवितायेँ दी जा रही हैं आपको कौन सी अच्छी लगी , कमेंट कर जरुर बताएं हिंद-महिमा / श्रीधर पाठक जय, जयति–जयति प्राचीन हिंदजय नगर, ग्राम अभिराम हिंदजय, जयति-जयति सुख-धाम हिंदजय, सरसिज-मधुकर निकट हिंदजय जयति हिमालय-शिखर-हिंदजय जयति विंध्य-कन्दरा हिंदजय मलयज-मेरु-मंदरा हिंदजय शैल-सुता सुरसरी हिंदजय यमुना-गोदावरी हिंदजय जयति सदा स्वाधीन

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मनीभाई नवरत्न के हिंदी में चोंका

नारी जीवन और संवेदना

यहाँ पर हम आपको मनीभाई नवरत्न के हिंदी में चोंका प्रस्तुत कर रहे हैं यदि आपको पसंद आई हो या कोई सुझाव हो तो नीचे कमेंट जरुर करें हिंदी में चोंका इसे भी पढ़ें :- चोका कैसे लिखें(How to write Choka ) चोका :- शीत प्रकोप धुंधला भोरकुंहरा चहुं ओरकुछ तो जलाजाने क्या हुई बलाक्या

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सुकमोती चौहान रुचि की ग़ज़ल

हिंदी कविता

सुकमोती चौहान रुचि की ग़ज़ल गज़ल बहर 1212  1212   1212   1212 दबा के दुखती नस को लाया जलज़ला अभी -अभीच़रागे दिल जला गया वो हमनवा अभी – अभीदुआ करो कि बुझ न पाये आग ये जुनून कीमुझे दिखा मुकाम वो चला गया अभी – अभीन जी रहे न मर रहे मिला ये इश्क़ मेंसिला ये

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रेखा मल्हार की कविता

हिंदी कविता

रेखा मल्हान की कविता मिले न सभी को रोटी , नहीं कपड़ा मकान ।भूखे ही सबै सोवत , नेता करै न भान ।। १।। नेता कर जनहित वदन , लालच देवत जात ।झुठा वादे करत जात , मान नहीं निज बात ।।२ ।। हो स्वदेश का विकास , रखते हैं यह आस ।सपने हो सबै

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