हिंदी कविता

सड़क पर कविता

हिंदी कविता

सड़क पर कविता है करारा सा तमाचा, भारती के गाल पर।…रो रही है आज सड़कें, दुर्दशा के हाल पर।।… भ्रष्टता को देख लगता, हम हुए आज़ाद क्यूँ?आम जनता की कमाई, मुफ्त में बरबाद क्यूँ?सात दशकों से प्रजा की, एक ही फरियाद क्यूँ?नोट के बिस्तर सजाकर, सो रहे दामाद क्यूँ?चोर पहरेदार बैठे, देश के टकसाल पर…रो […]

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हे शारदा तुलजा भवानी (सरस्वती-वंदना)

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

हे शारदा तुलजा भवानी (सरस्वती-वंदना) हे शारदा तुलजा भवानी, ज्ञान कारक कीजिये।…अज्ञानता के तम हरो माँ, भान दिनकर दीजिये।… है प्रार्थना नवदीप लेकर, चल पड़े जिस राह में।सम्मान पग चूमें पथिक के, हर खुशी हो बाँह में।।उत्तुंग पथ में डाल डेरा, नभ क्षितिज की चाह में।मन कामना मोती चमकते, चल चुनें हम थाह में। जो

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hasdev jangal

मत करो प्रकृति से खिलवाड़-एकता गुप्ता

प्रकृति और पर्यावरण, हिंदी कविता

इस कविता में प्रकृति संरक्षण की बात कही गई है।

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हिंदी साहित्य जगत में अनेक सितारे हैं

हिंदी कविता

इस रचना के माध्यम से कवि नवीन रचनाकारों को भी साहित्य जगत में सम्मानजनक स्थान दिलाने का प्रयास कर रहा है |

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विश्व ही परिवार है- आर आर साहू

हिंदी कविता

विश्व ही परिवार है- आर आर साहू ————— परिवार ————-ऐक्य अपनापन सुलभ सहकार है,इस धरा पर स्वर्ग वह परिवार है। मातृ,भगिनी, पितृ,भ्राता,रुप में,शक्ति-शिव आवास सा घर-द्वार है। बाँटते सुख-दुःख हिलमिल निष्कपट,है प्रथम कर्तव्य फिर अधिकार है। है तितिक्षा,त्याग,का आदर्श भी,प्रेम, मर्यादा सुदृढ़ आधार है। दृष्टि जितना और जैसा देखती,उस तरह,उतना, उसे संसार है। नीर,पावक,वायु ये

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विधाता छंद मय मुक्तक- फूल

हिंदी कविता

विधाता छंद मय मुक्तक- फूल रखूँ किस पृष्ठ के अंदर,अमानत प्यार की सँभले।भरी है डायरी पूरी,सहे जज्बात के हमले।गुलाबी फूल सा दिल है,तुम्हारे प्यार में पागल।सहे ना फूल भी दिल भी,हकीकत हैं, नहीं जुमले।.सुखों की खोज में मैने,लिखे हैं गीत अफसाने।रचे हैं छंद भी सुंदर,भरोसे वक्त बहकाने।मिला इक फूल जीवन में,तुम्हारे हाथ से केवल।रखूँगा डायरी

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प्रकृति से प्रेम पर कविता

प्रकृति और पर्यावरण, हिंदी कविता, ,

प्रकृति से प्रेम – रीता प्रधान प्रकृति की सुंदरता पर आधारित रचना

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