राजकिशोर धिरही के बेहतरीन बाल कवितायेँ
नारी जीवन और संवेदनाबाल दिवस पर बेहतरीन बाल कवितायेँ राजकिशोर धिरही के द्वारा प्रस्तुत किये जा रहे हैं जो आपको बेहद पसंद आयेगी.
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बाल दिवस पर बेहतरीन बाल कवितायेँ राजकिशोर धिरही के द्वारा प्रस्तुत किये जा रहे हैं जो आपको बेहद पसंद आयेगी.
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चारु चंद्र की चंचल किरणें / मैथिलीशरण गुप्त चारुचंद्र की चंचल किरणें, खेल रहीं हैं जल थल में,स्वच्छ चाँदनी बिछी हुई है अवनि और अम्बरतल में।पुलक प्रकट करती है धरती, हरित तृणों की नोकों से,मानों झीम[1] रहे हैं तरु भी, मन्द पवन के झोंकों से॥ पंचवटी की छाया में है, सुन्दर पर्ण-कुटीर बना,जिसके सम्मुख स्वच्छ शिला
मैथिलीशरण गुप्त की 10 लोकप्रिय कवितायेँ Read More »
परिवर्तन / सुमित्रानंदन पंत (१)अहे निष्ठुर परिवर्तन!तुम्हारा ही तांडव नर्तनविश्व का करुण विवर्तन!तुम्हारा ही नयनोन्मीलन,निखिल उत्थान, पतन!अहे वासुकि सहस्र फन!लक्ष्य अलक्षित चरण तुम्हारे चिन्ह निरंतरछोड़ रहे हैं जग के विक्षत वक्षस्थल पर !शत-शत फेनोच्छ्वासित,स्फीत फुतकार भयंकरघुमा रहे हैं घनाकार जगती का अंबर !मृत्यु तुम्हारा गरल दंत, कंचुक कल्पान्तर ,अखिल विश्व की विवरवक्र कुंडलदिग्मंडल ! (२)आज कहां वह पूर्ण-पुरातन,
सुमित्रानंदन पंत की १० सर्वश्रेष्ठ कवितायेँ Read More »
दीप से दीप जले / माखनलाल चतुर्वेदी सुलग-सुलग री जोत दीप से दीप मिलेंकर-कंकण बज उठे, भूमि पर प्राण फलें। लक्ष्मी खेतों फली अटल वीराने मेंलक्ष्मी बँट-बँट बढ़ती आने-जाने मेंलक्ष्मी का आगमन अँधेरी रातों मेंलक्ष्मी श्रम के साथ घात-प्रतिघातों मेंलक्ष्मी सर्जन हुआकमल के फूलों मेंलक्ष्मी-पूजन सजे नवीन दुकूलों में।। गिरि, वन, नद-सागर, भू-नर्तन तेरा नित्य
माखनलाल चतुर्वेदी की १० सर्वश्रेष्ठ कवितायेँ Read More »
हमारी पाठशाला लोकेश कुमार भोई, सहायक शिक्षक, प्राथमिक शाला छिर्राबाहरा की पहली रचना है जिसे उन्होंने अपने स्कूल को समर्पित किया है.
हम सब की है पाठशाला Read More »
प्रस्तुत हिंदी कविता का शीर्षक “बाल भिक्षुक” है जोकि आशीष कुमार मोहनिया, कैमुर, बिहार की रचना है. इसे वर्तमान समाज में दीन हीन अनाथ बच्चों की दयनीय स्थिति को ध्यान में रखकर लिखा गया है जिनका जीवन बसर आज भी मंदिर की सीढ़ियों पर या फिर हाट बाजार में भीख मांग कर होता है.
बाल भिक्षुक -आशीष कुमार Read More »
जीवन में आशावादी होना ही जीवन का परिचायक है ।
सूखा पर हरा-भरा दरख्त Read More »
प्रस्तुत हिंदी छठ गीत का शीर्षक “कवन सुगवा मार देलस ठोरवा” है जोकि आशीष कुमार, मोहनिया, बिहार की रचना है. यह उत्तर भारतीयों की आस्था की के महान पर्व छठ पर्व को आधार मानकर लिखा गया है.
छठ गीत- कवन सुगवा मार देलस ठोरवा – आशीष कुमार Read More »
यह सपने सुकुमार कविता |महादेवी वर्मा यह सपने सुकुमार तुम्हारी स्मित से उजले!कर मेरे सजल दृगों की मधुर कहानी,इनका हर कण हुआ अमर करुणा वरदानी,उडे़ तृणों की बात तारकों से कहने यहचुन प्रभात के गीत, साँझ के रंग सलज ले! लिये छाँह के साथ अश्रु का कुहक सलोना,चले बसाने महाशून्य का कोना कोना,इनकी गति में
महादेवी वर्मा के १० सर्वश्रेष्ठ कवितायेँ Read More »
विधा:- पद्य/कविता विषय:-स्त्री शक्ति की प्रतिमूर्ति रचना शीर्षक:- *सर्वशक्ति का रूप है नारी* रचनाकार नाम :- *डी कुमार–अजस्र(दुर्गेश मेघवाल,बून्दी/राज.)* प्रतियोगिता के लिए:- हाँ प्रतियोगिता नियमावली मंजूर:- हाँ डाक प्राप्ति पता :- दुर्गेश कुमार मेघवाल(व्याख्याता) आत्मज श्री प्रभू लाल मेघवाल ‘काला सदन’ पुराना माटुंदा रोड़ ,इंद्रा कॉलोनी बून्दी ,जिला बून्दी राजस्थान पिन:-323001 मोबाइल नम्बर :- 9461302199
सर्व शक्ति का रूप है नारी /रचयिता:-डी कुमार–अजस्र Read More »
प्रस्तुत हिंदी कविता “मोची” के रचयिता आशीष कुमार (मोहनिया, बिहार) हैं. इस कविता को “मोची” के जीवन को आधार मानकर रचा गया है.
मोची पर कविता – आशीष कुमार Read More »