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Hindi Poem Collection
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अब तो मन का रावण मारें
हम तुम दोनों मिल जाएँ
धर्मपत्नी पर कविता
सुख-दुख की बातें बेमानी
अब तो मेरे गाँव में
उड़ जाए यह मन
समय सतत चलता है साथी
आओ सच्चेे मीत बनाएँ
वर्षा-विरहातप
मीत देश वंदन की ख्वाहिश
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