अरस्तू : ज्ञान का आकाश – मनीभाई नवरत्न
समय और जीवन दर्शनअरस्तू : ज्ञान का आकाश — एक प्रेरक, दीर्घ, मौलिक कविता स्टैगिरा की मिट्टी मेंएक बालक जन्मा—शांत-सा, जिज्ञासु-सा,पर दृष्टि में छिपी थीविचारों की बिजली। उसके पिताराजदरबार के वैद्य थे,इसलिए राजमहलों की छायाउसके बचपन पर पड़ी,पर उस बालक का मनवैभव में नहीं,विचारों की खोज में रम गया। अरस्तू—जिसका नामआज भी ज्ञान के आकाश परध्रुवतारे-सा स्थिर है। […]
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