माँ ममता की मूरत पर कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है।

maa-par-hindi-kavita
माँ पर कविता

माँ ममता की मूरत पर कविता

ममता की मूरत होती है माँ,

अपनी फर्ज निभाती है माँ।

प्रीत सरस दिखाती है माँ,

जीवन में खुशियाँ लाती है माँ।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

झट समस्या पढ़ लेती है माँ,

मन ही मन गढ़ लेती है माँ।

नित्य समर्पण करके माँ,

अतुलित मनसुख देती है माँ।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆●◆

लोरी गाकर गुनगुनाती माँ,

आँचल में ओ छुपाती है माँ।

अपनी निंदिया खोती  है माँ,

झूला झुलाकर सुलाती है माँ।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆●◆●

~~~~~~~~~~~~

रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top