हरि का देश छत्तीसगढ़-बाँके बिहारी बरबीगहीया
हिंदी कविताहरि का देश छत्तीसगढ़ आर्यावर्त के हृदय स्थल परछत्तीसगढ़ एक नगर महान।कर्मभूमि रही श्रीराम प्रभु कीसंत गाहीरा,घासीदास बड़े विद्वान।संस्कृति यहाँ की युगों पुरानीअदृतीय धरा यह पावन धाम ।यहाँ धर्म की गंगा अविरल बहतीकहता है सब वेद पुराण ।नित दिन बरसे यहाँ हरि कृपालोग प्रेम सुधा का करें रसपान।जीवन धन्य हो जाता उनकाइस पावन प्रदेश में
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