कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

गाय सड़क पर- राजकिशोर धिरही

हिंदी कविता

गाय सड़क पर गाय सड़क पर देख के,हो जाते हम मौन।लक्ष्मी अब माने नहीं,पाले इनको कौन।। दुर्घटना अब रोज ही,करते मानव हाय।बस बाइक कैसे चले,सड़कों पर है गाय।। पालन पोषण बंद है,ले कर दौड़े बेत।गाय बैल अब चर रहें,घूम घूम कर खेत।। घर लगते टाइल्स ही,पशु पालन है बंद।बाहर से ले दूध को,कैल्शियम रहे मंद।।

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literature in hindi

गजल का अर्थ क्या है व इसके नियम / ग़ज़ल कैसे लिखें ( How to write GAZAL)

हिंदी कविता

यहाँ हम आपको ” ग़ज़ल कैसे लिखें/गजल का अर्थ क्या है व इसके नियम क्या हैं ” के बारे में बताने वाले हैं जिसे विभिन्न माध्यम से हमने संग्रहित किया है .

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दोहा छंद विधान व प्रकार

हिंदी कविता

दोहा छंद विधान व प्रकार – प्रदीप कुमार दाश “दीपक” “दोहा” अर्द्धसम मात्रिक छंद है । इसके चार चरण होते हैं। विषम चरण (प्रथम तथा तृतीय) में १३-१३ मात्राएँ और सम चरण (द्वितीय तथा चतुर्थ) में ११-११ मात्राएँ होती हैं। विषम चरणों के आदि में प्राय: जगण (।ऽ।) टाला जाता है, लेकिन इसकी आवश्यकता नहीं

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ताँका कैसे लिखें

हिंदी कविता

ताँका जापानी काव्य की कई सौ साल पुरानी काव्य विधा है। इस विधा को नौवीं शताब्दी से बारहवीं शताब्दी के दौरान काफी प्रसिद्धि मिली। उस समय इसके विषय धार्मिक या दरबारी हुआ करते थे। हाइकु का उद्भव इसी से हुआ।

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छंदों की प्रारंभिक जानकारी

हिंदी कविता

छंदों की प्रारंभिक जानकारी छन्द क्या है? यति, गति, वर्ण या मात्रा आदि की गणना के विचार से की गई रचना छन्द अथवा पद्य कहलाती है। चरण या पद –  छन्द की प्रत्येक पंक्ति को चरण या पद कहते हैं। प्रत्येक छन्द में उसके नियमानुसार दो चार अथवा छः पंक्तियां होती हंै। उसकी प्रत्येक पंक्ति

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हाइकु

सायली कैसे लिखें (How to write SAYLI)

हिंदी कविता

सायली रचना विधान : सायली कैसे लिखें उदाहरण*= इश्क मिटा गया बनी बनायी हस्ती बिखर गया आशियाँ.. *© शिरीष देशमुख* तुझे याद नहीं मैं वहीं बिखरा छोडा जहां तुने..  © शिरीष देशमुख

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सेदोका कैसे लिखें (How to write SEDOKA)

हिंदी कविता

सेदोका कैसे लिखें (How to write SEDOKA) सेदोका रचना विधानसेदोका 05/07/07 – 05/07/07 वर्णक्रम की षट्पदी – छः चरणीय एक प्राचीन जापानी काव्य विधा है । इसमें कुल 38 वर्ण होते हैं , व्यतिक्रम स्वीकार नहीं है । इस काव्य के कथ्य कवि की संवेदना से जुड़ कर भाव प्रवलता के साथ प्रस्तुत होने वाली

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महंगाई -विनोद सिल्ला

हिंदी कविता

 महंगाई महंगी  दालें  क्यों  रोज  रुलाती।सब्जी  दूर  खड़ी  मुंह  चढाती।। अब सलाद अय्याशी कहलाता है,महंगाई  में  टमाटर  नहीं भाता है,मिर्ची  बिन   खाए  मुंह  जलाती।। मिट्ठे फल ख्वाबों में  ही  आते  हैं,आमजन इन्हें नहीं खरीद पाते हैं,खरीदें  तो  नानी  याद  है आती।। कङवे करेलों के सब दर्शन करलो,आम अनार के फोटो सामने धरलो,सुनके  कीमत, भूख भाग

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चन्द्रयान 2 पर कविता -डी.राज सेठिया

हिंदी कविता

चन्द्रयान 2 पर कविता काबिलियत है,पर मार्ग कठिन बहुत है।हासिल कुछ नही ,पर पाया बहुत है। हाँ नींद भी बेची थी,पर सकून बहुत पाया था।हाँ चैन भी बेची थी,पर गर्व बहुत पाया था।। दुआएं थी सवा सौ करोड़ लोगों की,वह क्या कम था। इसरो मैं भी भावुक हुँ,क्योंकि मैंने भी दुआ मांगा था।। जीवन के

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विघ्न हरो गणराज-सुधा शर्मा

हिंदी कविता

विघ्न हरो गणराज हे गौरी नंदन हे गणपति,प्रथम पूज्य  महराज। कृपा करो हे नाथ हमारे,विघ्न हरें गण राज।। घना तिमिर है छाया जग में, भटक रहा इंसान।   भूल गया जीवन मूल्यों को ,बना हुआ शैतान।।  हे दुख भँजन आनंददाता,करिए  पूरी आस। रोग दोष सकल दूर करके,हरिए क्लेशविषाद ।। प्रथम पूजनीय हो प्रभू जी,पूजे सब संसार। 

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वे है मेरे गुरु जी-रोहित शर्मा ‘राही’

हिंदी कविता

भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप

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अच्छे गुरु की पहचान हो -डीजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर

हिंदी कविता

भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप

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