HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

संतोषी है मधुशाला

संतोषी है मधुशाला HINDI KAVITA || हिंदी कविता संतोषी अँगूर लता है,संतोषी साकी बाला।संतोषी  पीने  वाला हैसंतोषी है मधुशाला।बस्ती -बस्ती चौराहे पर,अपनी दुकान खोलने वाले। विज्ञापन  के राम  भरोसे,अपनी दुकान…

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hindi haiku || हिंदी हाइकु
hindi haiku || हिंदी हाइकु

अवि के हाइकु

अवि के हाइकु hindi haiku || हिंदी हाइकु जीवन पथप्रेम और संघर्षदुलारा बेटा मनमोहनबलिहारि जाँऊ मैंतेरी मुस्कान मां हूँ मैंलड़ूंगी भूख से मैंये अग्निपथ समर्पित हैतुझ पे ये जीवनराज दुलारा…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

तोता पर कविता

तोता पर कविता HINDI KAVITA || हिंदी कविता ना पंख है ना पिंजरे में कैद,फिर भी है तोता ।खाता है पीता है,रहता है स्वतंत्र,हमेशा एक गीत है गाता नेता जी…

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Kavita Bahar || कविता बहार
Kavita Bahar || कविता बहार

मन पर कविता

मन पर कविता Kavita Bahar || कविता बहार सोचा कुछहो जाता कुछ हैमन के ही सब सोचमन को बांध सका न कोईमन खोजे सब कोय।।⭕हल्के मन से काम करो तोसफल…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

शीत ऋतु पर ताँका

शीत ऋतु पर ताँका HINDI KAVITA || हिंदी कविता {01}ऋतु हेमंत नहला गई ओसधरा का मनतन बदन गीलेहाड़ों में ठिठुरन । {02}लाए हेमंत दांतों में किटकिटहाड़ों में कंपसर्द सजी सुबह कोहरा भरी…

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hindi vividh chhand || हिन्दी विविध छंद
hindi vividh chhand || हिन्दी विविध छंद

मीरा के पिरामिड

मीरा के पिरामिड hindi vividh chhand || हिन्दी विविध छंद हेवायुतनयहनुमान दे वरदान रहें खुस हाल प्रभू  हर हाल में । हेदुखःहर्ता हेबजरंगीराम दुलारे भक्तन पुकारे हे कष्ट विनाशक। माँसीता…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

नज़र अंदाज़ करते हैं गरीबी को

नज़र अंदाज़ करते हैं गरीबी को HINDI KAVITA || हिंदी कविता नज़र अंदाज़ करते हैं गरीबी को सभी अब तो।भुलाकर के दया ममता सधा स्वारथ रहे अब तो। अहं में…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

वीणा के हाइकु

वीणा के हाइकु hindi haiku || हिंदी हाइकु 1-कृष्णमुरारीबालभद्र,सुभद्रारथ सवारी।2-हरितालिकापति की लम्बी आयुपत्नी निर्जला।3-स्वयं विश्वासमिलेगी सफलतामंजिल पास।4-लाल गुब्बाराबालक खेल रहाबम धमाका।5-मणिकर्णिकाअंतरिक्ष पे बैठीहिन्द की नारी।          *सविता बरई "वीणा"सीतापुर, सरगुजा,(छ.ग.)

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kavita bahar
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ओ मेरे मन मीत

ओ मेरे मन मीत kavita bahar ओ मेरे मन मीत प्रीत तुम याद बहुत ही आते हो ।आने को कह गये आ जाओ क्यों रुलाते हो । जब  से दूर …

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kavita bahar
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चांद पर कविता

चांद पर कविता kavita bahar सफेद चांद धवल चन्द्र रात्रि मेंआए जब श्वेत मेघों पे ,देखते ही बनता है नजाराचांदी जैसा मेघ चमकतालगता है बड़ा ही प्यारा ।खो जाता हूं…

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