कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

मोहब्बत पर गीत

मन और भावनाएँ

मोहब्बत पर गीत मोहब्बत जन्म से कुदरत के कण कण में समाई है।मोहब्बत  पीर  पैगम्बर  सूफियों  की  बनाई  है।।कोई  शक्ति  मिटा  पायी  नहीं जड़ से मोहब्बत को,मोहब्बत  देवताओं  से  अमर  वरदान  पाई  है।।        मोहब्बत बहनों की राखी भाइयों की कलाई है।       मोहब्बत बाप के आँगन से बेटी की विदाई है।।       मोहब्बत आमिना मरियम यशोदा

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हम कहाँ गुम हो गये

हिंदी कविता

हम कहाँ गुम हो गये हम कहाँ गुम हो गयेमोह पाश में हम बंधे,नयनों मे ऐसे खो गये।रही नहीं हमको खबर,हम कहाँ गुम हो गये।।इंद्र धनुष था आँखों में,रंगीन सपनों में खो गये।प्रेम की मूक भाषा में,हम कहाँ गुम हो गये।।कशिश उनमें थी ऐसी,बेबस हम तो हो  गये।कुछ रहा ना भान हमें,हम कहाँ गुम हो

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नज़र की नज़र से

हिंदी कविता

नज़र की नज़र से नज़र की नज़र से मुलाक़ात होगीहज़ारों सवालों की बरसात होगीबयाँ हर सबब हिज़्र का वो करेंगेकि हर बेगुनाही की इस्बात होगीसर-ए-राह हमसे जताना न उल्फ़तगिरेंगे जो आँसू तो आफात होगीनज़र फ़ेर ली तुमसे हमने कहीं जोअदब पर ख़ताओं की शह-मात होगीअगर दिल की राहें जुदा हो गईं तोख़लिश सी कहीं दिल

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वीर जवान पर कविता

हिंदी कविता, ,

23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है और भारत में मनाया जाता है। इस दिन 1931 को तीन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों: भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव थापर को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। महात्मा गांधी की स्मृति में। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा गांधी की हत्या कर दी गयी थी। महात्मा गांधी के सम्मान में

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गीत नवगीत लिखें

प्रकृति और पर्यावरण

गीत नवगीत लिखें ग़ज़ल रुबाई या फिर कविता, भले गीत नवगीत लिखें। मन के भाव पिरोते जायें, जैसा करें प्रतीत लिखें। देख बदलते अंबर के रँग, काव्य तूलिका सदा चले।छाया से सागर रँग बदले, लहरें तट से मिलें गले।लाल गुलाबी श्वेत श्याम या, नीला धानी पीत लिखें।ग़ज़ल रुबाई या फिर कविता, भले गीत नवगीत लिखें।

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अंतरात्मा पर कविता

हिंदी कविता

अंतरात्मा पर कविता मेरा संबंध तुमसेअंतरात्मा का है।हाँ बाहृा जगत मेंहम पृथक ही सही,न दिखे ये रिश्ताजग में कहींमन का जुड़ावमन से तो है ।मेरा संबंध तुमनेअंतरात्मा का है।भू से अंबर तकहर जगह तुममेरी नजरों में हो।मेरी हर धडकन में तुमजैसे हवा का संचार,सांसो के लिये है,जल का सिंचन,जीवन के लिये है।वैसे ही एक से

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सरस्वती वन्दना

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सरस्वती वन्दना विनती करता हूँ शारदे माता,विद्या का हमको वरदान दे  दे।हम झुके तेरे चरणों में निशदिन,तेरा आसरा हम सबको दे दे।विनती———हर वाणी में सरगम है तेरा ,तू हमें स्वर का राग सिखा दे।हर गीत बन जाए धड़कन,नृत्य पे सुर लय ताल मिला दे।मन की वीणा के तार बजाकर, सुरमय संगीत हमारा कर दे।विनती——— ।हम

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मेरी तीन माताएँ

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। मेरी तीन माताएँ नौ मास तक जिसने ओद्र में रखकर,,हमें इस संसार में लायी।अपनी स्तन का अमृत पिलाकर,,इस जग

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ओ तरु तात सुन ले

हिंदी कविता

ओ तरु तात सुन ले ओ!तरु तात!सुन लेमेरी वयस और तेरी वयस का अंतर चिह्न लेमैं नव अंकुर,भू से तकतातेरे साये में पलतातू समूल धरा के गर्भ में जम चुका। माना ,तेरी शाखा छूती जलद कोमधुर स्पर्श से पय-नीर पान करतीपर जिस दिन फैलेगी मेरी शाखाएँघनों को पार कर पहुँचेगी अनंत तकऔर चुनेगी स्वर्णिम दीप-तारक।

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चाहत को तुम पलकों में छुपाया न करो

हिंदी कविता

चाहत को तुम पलकों में छुपाया न करो सुनो न सुनो न ऐसे तड़पाया न करोपास बुला के दूर को हटाया न करोआख़िर इतना क्यों इतराते रहते होकितनी बार कहा है भाव खाया न करो गैरों से हंस हंस के तुम क्यों बातें करते होइस तरह से मुझको तुम जलाया न करोकभी कभी चलता है

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सादा जीवन की अभिलाषा

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सादा जीवन की अभिलाषा संयम के संग जीना चाहा,सँकल्प किया था मैने भी!सादा जीवन की अभिलाषा,कभी पाली थी मैने भी! जीवन रथ की चाल बैढँगी,कठिन डगर पर चला गया!मन के मेरे सब वादों को,पल पल मितवा छला गया!रिश्ते नातों की उलझन में,वादे तोड़े  मैने भी!संयम के संग जीना चाहा,सँकल्प किया था मैने भी!……(१) रहा भटकता

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भारत मां के सपूत

नारी जीवन और संवेदना

भारत मां के सपूत                   (1)तिलक लगाकर चल, भाल सजाकर चल।माटी मेरे देश की, कफ़न लगाकर चल।देश में वीर योद्धा जन्मे, मच गई खलबल।भारत मां के सपूत है ,आगे चल आगे चल। (2)भगत ,चंद्रशेखर, सुखदेव थे क्रांतिकारी दल।अंग्रेजो के नाक में ,दम कर रखा था हरपल।देश आजादी पाने के लिए,बना लिए दलबल।भारत मां के सपूत है

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