कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

मधुमासी चौपाइयाँ

प्रकृति और पर्यावरण

मधुमासी चौपाइयाँ शरद शिशिर ऋतु कब के बीते, हाथ प्रकृति के रहे न रीते।दिनकर चले मकर के आगे, ठंडक सूर्य ताप से भागे।1बासंती मधुमास महीना, सर्व सुगन्धित भीना- भीना।घिरा कुहासा झीना-झीना, धरा सजी ज्यों एक नगीना।2कलियों पर हैं भ्रमर घूमते, ऋतु बसंत को सभी पूजते।मादकता वन उपवन छाई, आतुरता हर हृदय समाई।3नये पात आये तरुओं

मधुमासी चौपाइयाँ Read More »

बेचकर देखों मुझे जरा

समाज और यथार्थ

बेचकर देखों मुझे जरा पूछने से पहले जवाब बना लिये।यार  सवाल तो गजब़ बना लिये। किसी ने पूछा ही नहीं मैं जिंदा हूँ,मगर तुम हसीन ख्वाब बना लिये। और और,और कहते रहे गम को,लो आशुओं का हिसाब बना लिये। मेरी मिलकियत न रहीं वजूद मेरा,समाज से कहों कसाब बना लिये। सौ-सौ सवाल गोजे पे रसीद

बेचकर देखों मुझे जरा Read More »

नाराच ( पंच चामर ) छंद

हिंदी कविता

नाराच ( पंच चामर ) छंद  :       24 मात्रा,   ज र ज र ज गुरु । महान  देश  की  ध्वजा  पुनीत  राष्ट्र  गान  है ।उठे  सदा  झुके  नहीं  अतीत  गर्व  प्राण   है ।।खड़े   रहे  डटे   रहे   मिसाल   दे  जवान  है ।अनंत  कर्मयोग  को  सिखा  रहा  किसान है ।।दिशा  सभी  पुकारते  निशा  प्रभा  बिखेरती ।सनेह  

नाराच ( पंच चामर ) छंद Read More »

doha sangrah

मन में जो तू ठान ले /  रामनाथ साहू  ” ननकी “

हिंदी कविता

मन में जो तू ठान ले /  रामनाथ साहू  ” ननकी “ मन में जो तू ठान ले ,कुछ भी करले मीत ।हौसला  गिराना नहीं , होगी निश्चित जीत ।।चरण  स्पर्श है बंदगी , कृपा  करे  सब  संत ।मन के कल्मष मेट दे, करे सकल दुख अंत ।।लोगों यह तन कुंभ है ,भरा हुआ  जल

मन में जो तू ठान ले /  रामनाथ साहू  ” ननकी “ Read More »

उठो सपूत

हिंदी कविता

उठो सपूत ल ला – ल ला – ल ला – ल ला – ल ला – ल ला – ल ला – ल ला उठो सपूत राष्ट्र के,  जगा रही तुम्हें  धरा।पुनः महान देश हो, विचार ये करो जरा।1प्रबुद्ध देशवासियों, न ढील दो लगाम को।बिना किसी विराम के, करो नवीन काम को।2एकाग्र हो यकीन

उठो सपूत Read More »

जीवन की डगर

हिंदी कविता

जीवन की डगर कुछ तुम चलो,कुछ हम चलें,जीवन की डगर पर साथ चले।लक्ष्य को पाना है एक दिन,निशदिन समय के साथ चलें।सुख दु:ख के हम सब साथी,अपनत्व प्यार बाँटते चलें।अटल विश्वास हमारा मन में,मंज़िल की ओर हम बढ़ चलें।हिम्मत,परिश्रम और लगन से,अनेक बाधाओं के पार चलें।मोह माया के इस भँवर जाल से,भक्ति की नैया से

जीवन की डगर Read More »

सुख दुख पर कविता

हिंदी कविता

सुख दुख पर कविता सुख का सागर भरे हिलोरे।जब मनवा दुख सहता भारी।सुख अरु दुख दोनों ही मिलकर।जीवन की पतवार सँभारी।दुखदायी सूरज की किरणें।झाड़न छाँव लगे तब प्यारी।भूख बढ़े अरु कलपै काया।रूखी सूखी पर बलिहारी।पातन सेज लगे सुखदायक।कर्म करे मानव तब भारी।लेय कुदाल खेत कूँ खोदे।स्वेद बूँद टपके हदभारी।मानुष तन कू सार यही है।सुख दुख

सुख दुख पर कविता Read More »

सरस्वती वंदना

हिंदी कविता

सरस्वती वंदना माँ सरस्वती शारदेबुद्धि प्रदायिनी ज्ञानदायिनीपद्मासना श्वेत वस्त्रा माँअज्ञानता हर ज्ञान दे माँ हंसवाहिनी।तेरे चरणों की पावन रज कणललाट पर मेरे सुशोभित रहे माँविस्तार हो मेरे ज्ञान का असीमितकलम मेरी वरदहस्त रहे माँ।धूप दीप नैवेद्य शुभ अर्चन वंदनकष्ट पीर विपत्ति हर दे माँ मेरेज्ञानचक्षु का दिव्य प्रकाश दे माँविशाल शब्द शक्ति हो माँ पास

सरस्वती वंदना Read More »

स्वीकारो प्रणाम माँ नर्मदे

हिंदी कविता

स्वीकारो प्रणाम माँ नर्मदे प्रणाम  है  अहो  प्रणाम ,  जयति माँ नर्मदे ।पतित पावनी  अभिराम ,  जयति माँ नर्मदे ।।हे कलि कलुष निवारिणी , जयति माँ नर्मदे ।अखण्डित  तपश्चारिणी , जयति माँ नर्मदे ।।मेकल  सुता  सिद्धिप्रदा , तुमको  प्रणाम है ।दीनों  पर  करती  कृपा , तुमको  प्रणाम है ।।सप्तमी  मकर  दिवाकर , तुम  अवतार धरे

स्वीकारो प्रणाम माँ नर्मदे Read More »

हर पल उत्सव सा मनालें

हिंदी कविता

हर पल उत्सव सा मनालें – केवरा यदु “मीरा “ जिंदगी चार दिन की  चलो गीत गालें ।हँस लें हम खुद औरों  को भी हँसालें ।चाहें तो जिन्दगी को हम इस तरह सजालें ।हर दिन दिवाली होली उत्सव मनालें । न बेरंग जीवन  हो संग मिलकर संवारें ।रहें हरपल मगन छूटे हँसी के फव्वारें।न हो

हर पल उत्सव सा मनालें Read More »

सच में लिपटा झूठ

Uncategorized

सच में लिपटा झूठ सच में लिपटा झूठ,सरासर बिकते देखा!कलुषित कर्म को, धवल सूट में सजते देखा!लीपापोती सब जग होती,कुलटा नार हाथ ले ज्योती!खसम मार वो निज हाथों से’सती सावित्री बनते देखा!सचमें लिपटा झूठ,सरासर  बिकते देखा!!…..(१)बाजारों का हाल बुरा है।हाट हाट में ये पसरा है।मीठी बातों से जनता को,व्यापारी से ठगते देखा!सचमें लिपटा झूठ,सरासर  बिकते

सच में लिपटा झूठ Read More »

भावना और भगवान

हिंदी कविता

भावना और भगवान .              यदि सच्ची हो भावना,मिल जाते भगवान।जग में सच्चे बहुत हैं,अच्छे दिल इंसान।।देश हमारे हैं बहुत, दाता अरु धन वान।संसकारों संग भरा,प्यारा  हिंदुस्तान।।मुझे गर्व है शान है,मेरा देश महान।,जल,थल संग वायु चले,आज हमारे यान।।जिसमें बैठे गगन को, छू जाए संतान।नव पीढी को मैं भले, देऊँ ऐसा ज्ञान।।पारस्परिक विचार को,करते सदा प्रणाम।उन्नत नित

भावना और भगवान Read More »

Scroll to Top