अधर जपे यह आठो याम श्री राम / रमेश कवल

Jai Sri Ram kavitabahar

राम/श्रीराम/श्रीरामचन्द्ररामायण के अनुसार,रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र, सीता के पति व लक्ष्मणभरत तथा शत्रुघ्न के भ्राता थे। हनुमान उनके परम भक्त है। लंका के राजा रावण का वध उन्होंने ही किया था। उनकी प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है क्योंकि उन्होंने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता-पिता तक का त्याग किया।

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अधर जपे यह आठो याम श्री राम / रमेश कवल

1

दुःख में पास न आने वाले
सुख में साथ निभाने वाले
ऐसे हैं प्रभु ये जग वाले
एक सहारा तेरो नाम

अधर जपें यह आठो याम
श्री राम जय राम जय जय राम

2

मन का सुख है तेरे भजन में
काया कंचन तव सुमिरन में
शांति सुधा तव नाम श्रवण में
हाथ जोड़ करूँ तुझे प्रणाम

अधर जपें यह आठो याम
श्री राम जय राम जय जय राम

3

रिश्ता निभाना तुमने सिखाया
संबंधों का मान बताया
वन में निवासानंद दिखाया
आओ करो उर में विश्राम

अधर जपें यह आठो याम
श्री राम जय राम जय जय राम

4

दुष्टों का संहार ज़रूरी
भय पर सतत प्रहार ज़रूरी
विनय सही, नहीं हार ज़रूरी
क्रोध प्रदर्शन भी अभिराम

अधर जपें यह आठो याम
श्री राम जय राम जय जय राम

5

रामचरित मानस में तुम हो
रामायण के रस में तुम हो
भारत की नस नस में तुम हो
क्यों न करें सब तुम्हें प्रणाम

अधर जपें यह आठो याम
श्री राम जय राम जय जय राम

रमेश कवल

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