यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर०अर्चना पाठक के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

dipawali rangoli
dipawali rangoli

दिवाली पर कविता हिन्दी में

दिवाली पर कविता हिन्दी में नीचे दिए जा रहे हैं Table of Contentsदीपावली पर दोहेअपनी दीवाली आई है दीपावली का आया त्यौहार  घर-घर दीप जले जगमग दीप जले घर-घर में…

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मन में राम नाम नित जापे- कवयित्री अर्चना पाठक

मन में राम नाम नित जापे अवध पुरी आए सिय रामा।ढोल बजे नाचे सब ग्रामा।।घर-घर खुशहाली हर द्वारे। शिलान्यास मंदिर का प्यारे।।राम राज चहुँ दिशि है व्यापे। लोक लाज संयत…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

कंगन की खनक समझे चूड़ी का संसार

कंगन की खनक समझे चूड़ी का संसार HINDI KAVITA || हिंदी कविता नारी की शोभा बढ़े, लगा बिंदिया माथ।कमर मटकती है कभी, लुभा रही है नाथ। कजरारी आँखें हुई,  काजल…

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उषा सुहानी लगे प्यारी

उषा सुहानी लगे प्यारी उषा सुहानी लगे प्यारी मंद पवन की ठंडक न्यारी घोंसला छोड़ पंछी भागे उषाकाल नींदों से जागे ।            कोयल की सुन मीठी वाणी            छुप…

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कृष्ण रंग रंगी मीरा

कृष्ण रंग रंगी मीरा तज महल अटारी ,कर सितार लिये गली गली श्याम संग घूमी मीरा । वीणा के तार कृष्ण दास हुये भक्ति के रंग में रंगी मीरा ।…

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सायली छंद में रचना

सायली छंद में रचना चेहरादेख सकूँनसीब में कहाँबिटिया दूरबसेरा। अहसासबस तुम्हारापल-पल यादसताती रहीआज। यादआते रहेवो पल हरदमजो सुनहरेबीते। तेरीनटखट शैतानियाँमहकता रहता था।घर आँगनमेरा। अर्चना पाठक (निरंतर)अम्बिकापुर

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