डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के प्रति निराला की कविता

यहाँ पर देश रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के प्रति निराला की कविता बताई गयी है डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के प्रति निराला की कविता उगे प्रथम अनुपम जीवन केसुमन-सदृश पल्लव-कृश जन के । गंध-भार वन-हार ह्रदय के,सार सुकृत बिहार के नय के । भारत के चिरव्रत कर्मी हे !जन-गण-तन-मन-धन-धर्मी हे ! सृति से संस्कृति के पावनतम,तरी …

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