मातृ दिवस मई (दूसरा रविवार)

जाडा-बाबूलाल शर्मा

??????????~~~~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा? *ढूँढाड़ी- --कुण्डलिया छंद* ?.              ?  *जाडा* ?.              ??????जाड़ो पड़ गो जोर को, थर थर  काँपै गात।पाल़ो पड़तो फसल पै,होय जियाँ हिमपात।होय जियाँ हिमपात, ओस रात्यूँ  या टपकै।म्हारै  मरुधर  माँय,…

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माँ

■■■माँ■■■ माँ तुमनें जन्म दिया, तुम जीवनदायिनी हो। प्यार मिला भी तुमसे, तुम ममतामयी हो।। तुमसे कोई और प्यारा नहीं माँ, तुम पूरी दुनिया हो। माँ तुमनें जन्म दिया, तुम…

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मां,,,(कविता, पदमा साहू)

    विधा,, कविता शीर्षक,,, मां   मां तुम धरा की अमूल्य धरोहर, तुम होअद्भुत,अतुल्य जीवन निर्मात्री।   नौ माह कोख में रक्त से सींचती, मां तुम हो बच्चों की…

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माँ

विषय- माँ विधा--मनहरण घनाक्षरी ?????????? है माँ की शक्ति अपार माँ है सृष्टि का आधार माँ के जैसा कोई नही माँ का मान कीजिये। ??? माँ ईश्वर का रूप है…

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माँ

            माँ ●◆◆◆◆◆◆◆◆◆● ममता की मूरत होती है माँ, अपनी फर्ज निभाती है माँ। प्रीत सरस दिखाती है माँ, जीवन में खुशियाँ लाती है माँ।…

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माँ की वह आँख

माँ की वह आँख - 04.05.2020 -----------------------------/ जब मैंने सुना कि माँ की एक आँख की रोशनी चली गई है सहसा जैसे रोशनी से मेरी यक़ीन ही उठ गई मैंने…

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स्वरचित-बेटियाँ-

स्वरचित कविता- ---बेटियाँ---- बेटियों से ही घर में आती खुशियाँ अपार। बेटियों के बिन अधुरा घर संसार।। गृहस्थ कार्यों में वह हाथ बटायें। सभी काज को मंगल कर जाये।। बिन…

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माँ शारदे

स्वरचित रचना -------माँ शारदे------- सृजनता का आधार दे। मुझको ऐसा ज्ञान दे । अंधकार को दूर मिटा के। ज्ञान का प्रकाश दे । नमन् करूँ मै माँ शारदे को ।…

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