KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

प्रेमचन्द साव प्रेम के मुक्तक

प्रेमचन्द साव प्रेम के मुक्तक (1) हिमालय है मुकुट जैसा, चरण में हिन्द महासागर। कहीं पर राम जन्मा है, कहीं राधा नटवर नागर। है अपना देश मुनियों का, जहाँ…

धरा (दोहा)

धरा (पृथ्वी) ********************** आज धरा में प्रेम ही, मानवता का सार।। जिनके मन में प्रेम हो, करता नित उपकार।।१।। …

माँ

■■■माँ■■■ माँ तुमनें जन्म दिया, तुम जीवनदायिनी हो। प्यार मिला भी तुमसे, तुम ममतामयी हो।। तुमसे कोई और प्यारा नहीं माँ, तुम पूरी दुनिया हो। माँ…

स्वरचित कविता :-कोरोना

स्वरचित रचना:- ■■■■■कोरोना■■■■■ वुहान चीन से फैल कोरोना , दुनियाभर में हाहाकार मचाया । छोटे बड़े सभी देशों में, खलबली मचाया ।। इटली अमेरिका…

आत्मविश्वास

आत्म विश्वास मानसिक शक्ति में वृद्धि ला,सुविचार आत्मविश्वास बढ़ा।सरल व्यक्ति की धनी बनकर,मन की चिंता दूर हटा । अंत: भावना जीवन मे ला,जीवन

महामानव को नमन्

स्वरचित कविता.... महामानव को नमन् ........................................................... जीवनभर समानता के लिए, संघर्ष करने…

स्वरचित कविता : प्यासा पंछी

प्यासा पंछी मन है उदास भटकता फिरे । जैसे प्यासा पंछी उड़ता फिरे । मन को ना कोई बांध सके। तो खुले आकाश की खोज करे । मन की उड़ान खुशियों की…

भगवान शंकर

भगवान शंकर ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● भोले तुम हो भोले सीधे साधे भोले।…

स्वरचित-बेटियाँ-

स्वरचित कविता- ---बेटियाँ---- बेटियों से ही घर में आती खुशियाँ अपार। बेटियों के बिन अधुरा घर…

माँ शारदे

स्वरचित रचना -------माँ शारदे------- सृजनता का आधार दे। मुझको ऐसा ज्ञान दे । अंधकार को दूर मिटा के। ज्ञान का प्रकाश दे । नमन् करूँ मै माँ…