मुक्तक

मुक्तक ■■■■★★★■■■■ (1) हिमालय है मुकुट जैसा, चरण में हिन्द महासागर। कहीं पर राम जन्मा है, कहीं राधा नटवर नागर। है अपना देश मुनियों का, जहाँ पर धर्म पलता हैं।…

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धरा (दोहा)

धरा (पृथ्वी) ********************** आज धरा में प्रेम ही, मानवता का सार।। जिनके मन में प्रेम हो, करता नित उपकार।।१।।       प्रेम मिले तो दुष्ट भी, बने धरा में…

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माँ

■■■माँ■■■ माँ तुमनें जन्म दिया, तुम जीवनदायिनी हो। प्यार मिला भी तुमसे, तुम ममतामयी हो।। तुमसे कोई और प्यारा नहीं माँ, तुम पूरी दुनिया हो। माँ तुमनें जन्म दिया, तुम…

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स्वरचित कविता :-कोरोना

स्वरचित रचना:- ■■■■■कोरोना■■■■■ वुहान चीन से फैल कोरोना , दुनियाभर में हाहाकार मचाया । छोटे बड़े सभी देशों में, खलबली मचाया ।। इटली अमेरिका जैसे, देश भी बच नहीं पाये…

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*आत्मविश्वास*

स्वरचित कविता:- ■आत्म विश्वास■ मानसिक शक्ति में वृद्धि ला, सुविचार आत्मविश्वास बढ़ा। सरल व्यक्ति की धनी बनकर, मन की चिंता दूर हटा । अंत: भावना जीवन मे ला, जीवन क्षेत्र…

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महामानव को नमन्

स्वरचित कविता.... महामानव को नमन् ........................................................... जीवनभर समानता के लिए, संघर्ष करने वाले बाबा को नमन्। ज्ञान के प्रतीक,प्रकाण्ड विद्वान, विश्व प्रणेता,संविधान शिल्पकार को नमन्।। विपुल प्रतिभा व ज्ञान के…

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भगवान शंकर

भगवान शंकर ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● भोले तुम हो भोले सीधे साधे भोले। पल में दुख हर लेते हो। उमापति महादेव कहलाते हो।। कैलाश पर्वत पर रहते हो। गंगा को शीश धरे, चन्द्र…

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स्वरचित-बेटियाँ-

स्वरचित कविता- ---बेटियाँ---- बेटियों से ही घर में आती खुशियाँ अपार। बेटियों के बिन अधुरा घर संसार।। गृहस्थ कार्यों में वह हाथ बटायें। सभी काज को मंगल कर जाये।। बिन…

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माँ शारदे

स्वरचित रचना -------माँ शारदे------- सृजनता का आधार दे। मुझको ऐसा ज्ञान दे । अंधकार को दूर मिटा के। ज्ञान का प्रकाश दे । नमन् करूँ मै माँ शारदे को ।…

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