HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

विनोद सिल्ला की कविता

भाईचारा पर कविता मैंने मना कर दिया मैंने भाईचारानिभाने सेमना कर दिया थी उनकी मनसामैं उनकोभाई बनाऊंवे मुझको चारा । -विनोद सिल्ला मेरा कुसूर मैं था कठघरे मेंदागे सवालउठाई उंगलीलगाए…

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Poem on plantation || वृक्षारोपण पर कविता
Poem on plantation || वृक्षारोपण पर कविता आज के इस आधुनिक युग में पेड़ो की संख्या में बहुत कमी हो रही और मनुष्य जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है इसलिए वृक्षारोपण करना बहुत जरूरी है। आसान शब्दों में कहा जाये तो वृक्षारोपण नए वनों का निर्माण है।

नारा भर हांकत हन (व्यंग्य रचना)

एकर सेती भैया हो , जम्मो मनखे मन,ला मिलजुल के,लालच ला दुरीहा के पर्यावरण बचाए बर कुछ करना पड़ही। लेकिन ये हा केवल मुंह अउ किताब भर मा तिरिया जाथे।

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