बेटी पर कविता
हिंदी कविताबेटी पर कविता कितनी मन्नते माँगते माता पिता,जा जाकर हर मंदिर के द्वार में।करते हैं संतान कि कामना हरदम,खुशीयाँ कब आये झोली में। ढ़ोल नगाड़े बजते उस घर,प्यारी गुड़ियाँ के आने में।देते बधाई सब चाहने वालें,खुशियाँ बरसे जिस आँगन में। जब रोती नन्ही बेटी तो,माँ विचलित हो जाती हैं।वैद्य हकीम के पास जाकर,अपभ्रंश दूर भगाती […]
