February 2020

प्रेमगीत

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प्रेमगीत है मुझे स्मरण… जाने जाना जानेमन !वो पल वो क्षणहमारे नयनों का मिलनजब था मूक मेरा जीवनतब हुआ था तेरा आगमनकलियों में हुआ प्रस्फुटनभंवरों ने किया गुंजन है मुझे स्मरण… जाने जाना जानेमन !तेरा रूप तेरा यौवनजैसे खिला हुआ चमनचांद सा रौशन आननचांदनी में नहाया बदनझूम के बरसा सावनफूलों में हुआ परागण है मुझे […]

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मैं तो हूं केवल अक्षर पर कविता

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अक्षर पर कविता मैं तो हूं केवल अक्षरतुम चाहो शब्दकोश बना दो लगता वीराना मुझकोअब तो ये सारा शहरयाद तू आये मुझकोहर दिन आठों पहर जब चाहे छू ले साहिलवो लहर सरफ़रोश बना दो अगर दे साथ तू मेरागाऊं मैं गीत झूम केबुझेगी प्यास तेरी भीप्यासे लबों को चूम के आयते पढ़ूं मैं इश्क़ कीइस

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फागुन माह पर दोहा -मदन सिंह शेखावत

हिंदी कविता

फागुन माह पर दोहा -मदन सिंह शेखावत फागुन मास सुहावना, उड़ती रंग गुलाल।खेले अपनी मौज मे,कुछ भी नही मलाल।।1 फागुन आयो हे सखी, पिया बसे परदेश।कुछ भी अच्छा ना लगे,आये नही स्वदेश।।2 फागुन के हुडदंग मे, बाजे डोल मृदंग।नाचे सब मद मस्त हो,मिल गई बहु उमंग।।3 होली के त्यौहार मे , झूमे सब इटलाय।करते सभी

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अलि पर कविता

हिंदी कविता

अलि पर कविता अलि पुष्प के पराग से,लेता है रससार।पुष्प पुष्प पर बैठता , करे सदा गुंजार।। अलि करता मधुमास में,फूलों का रसपान।कोयल मीठा गात है ,करती है गुण गान।। कली कली में बैठता,अलि करता मधुपान।मस्त मगन हो घूमता,गुन गुन करता गान।। अलि बैठा है डाल पर,ग्रहण करे मकरंद।नेह लुटाता फूल पर ,होय कमल में

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पवित्र प्रेम पर कविता

हिंदी कविता

पवित्र प्रेम पर कविता रचनाकार- बाँके बिहारी बरबीगहीया राज्य -बरबीघा बिहार (पुनेसरा ) एक कपोत ने आकर हमसे कह डाले सब प्रेम की बात कुछ लिखो तुम स्वेत पत्र पे और लिखो कुछ अपनी याद मेरे गले में प्रेम पत्र दो उठो चलो तुम मेरे साथ प्रेम विरह में पागल है वो कटती नहीं उनसे

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मातृ पितृ पूजन दिवस पर कविता

हिंदी कविता

मातृ पितृ पूजन दिवस पर कविता दिवस मातृ पितु ले मना, करिये सत संकल्प।ईश मान पितु मात को, छोड़ो सभी विकल्प।। घर में ही भगवान हैं, सच जीवन दातार।मात पिता को मान दें, करिये उनसे प्यार।। जन्म दिया है आपको, रखे गर्भ नौ मास।पाला मय अरमान के, मात पिता विश्वास।। पाल पोष पहचान दी, पढ़ा

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यार तेरी कसम-गज़ल

हिंदी कविता

यार तेरी कसम-गज़ल रूठ जाऊँ कभी तो मनाना मुझे।कर ये वादा कभी मत सताना मुझे।। गर कहीं भूल जाऊँ ये राहे वफ़ा,*यार तेरी कसम* मत भुलाना मुझे। जिंदगी की डगर में बड़ी मुश्किलें,थाम दामन मेरा तू चलाना मुझे। आदमी तो है जिन्दा ख़ुशी के लिए,गम अगर आ भी जाये हँसाना मुझे। इस कदर यार *बोधन*

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आह्वान पर कविता -डाक्टर को सारी बात बताये

हिंदी कविता

आह्वान पर कविता जब भी होवे वाइरस संक्रमण,सर्दी-जुकाम से पिड़ित तन !सांस लेने में होय परेशानी, सहज बात न समझे हम !!कफ खांसी की जांच कराये, डाक्टर को सारी बात बताये !संकोच घबराने की बात नहीं, सावधानी की राह अपनाये !!खांसते झिकते रूमाल लगाये, टिसु पेपर मास्क अपनाये !निज करे पालन सबको कराये,रोग न फैले

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नेक काम पर कविता

हिंदी कविता

नेक काम पर कविता आये हो संसार मे, नेक काम कर जाय।विपदा आफत टाल कर,सब की करे सहाय।सब की करे सहाय,प्रभु ने लायक बनाया।मेहर उस की होय,खुशिया जी भर लुटाया।कहै मदन कर जोर, यही से सब कुछ पाये।दाता को लौटाय, नाम करने तुम आये।। मदन सिंह शेखावत ढोढसर

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धर्मांधता पर कविता

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धर्मांधता पर कविता जब भीबंटा है वतनतब-तबबंटवारे के लिएउत्तरदायी रही हैधर्मांधतायह चलती हैराजनीतिक इशारों परजो आज भी हैपूरे यौवन परजाने और कितनेटुकड़े करना चाहते हैंधर्मांध लोगइस वतन केनहीं लेते सबकऐतिहासिक भूलों सेऔर कर रहे हैं निर्माणअराजक वातावरण का -विनोद सिल्ला©

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सरस्वती माँ पर कविता-बाबू लाल शर्मा बौहरा

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सरस्वती माँ पर कविता शारदे आप ही आओ।कंठ मेरे तुम्ही गाओ।शान बेटी सयानी के।बात किस्से गुमानी के। धाय पन्ना बनी माता।मान मेवाड है पाता।पद्मिनी की कहानी है।साहसी जो रुहानी है। बात झाँसी महारानी।शीश हाड़ी दिए मानी।वीर ले जा निशानी है।बात सारी सिखानी है। बेटियों को बचानी है।शान शिक्षा दिलानी है।कर्म कर्त्तव्य भी जानें।वक्त की माँग

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मतदाता दिवस पर कविता

नारी जीवन और संवेदना,

मतदाता दिवस पर कविता अच्छे नागरिक के कर्तव्य निभाए,राष्टीय मतदाता दिवस मनाए।मानव को जागरूक बनाए,नव मतदाता के नाम जुड़वाए। युवा पीढ़ी को आगे लाएं,स्वतंत्र रूप से वोट कराए।लोकतंत्र के पर्व मनाएं,शत प्रतिशत मतदान कराए। एक वोट भी रह न पाए,आओ ये करके दिखाए।जन जन को समझाए,वोट का अधिकार दिलाए।~~~~~~~~~~~~~~~~रचनाकार-डीजेन्द्र क़ुर्रे “कोहिनूर”पीपरभवना,बलौदाबाजार (छ.ग.)मो. ‌8120587822 मतदाता जागरूकता

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