October 2022

शक्ति वंदना

नारी जीवन और संवेदना

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं। शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। शक्ति वंदना करूणाकर कौमारी माता कलिकाकारी तुम्हारी जय हो। खरलखड्ग खट हाथमें हरदम हेखलहारी तुम्हारी जय हो।गोमती गंगा गोदावरी गौरी गदाधारी […]

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भाग्य मुकद्दर नसीब पर कविता

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

भाग्य/मुकद्दर/नसीब पर कविता- सोरठा छंद कर्म लिखे का खेल, भाग्य भूमि जन देश का।कौरव कुल दल मेल, करा न माधव भी सके।। लक्ष्मण सीताराम, भाग्य लेख वनवास था।छूट गये धन धाम, राजतिलक भूले सभी।। पांचाली के भाग्य, पाँच पति जगजीत थे।भोगे वन वैराग्य, कृष्ण सखी जलती रही।। कहते यही सुजान, भाग्य बदलते कर्म से।जग में

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तथाकथित श्रेष्ठता

हिंदी कविता

तथाकथित श्रेष्ठता मुंडेर को था घमंड अपनी श्रेष्ठता पर देहली पर बड़ी इतराईबड़ी लफ्फाजी कीबड़ी तानाकशी कीअपनी उच्चता केमनगढ़ंत दिए प्रमाण ताउम्र उसी देहली पर चढ़कर खड़ी रही मुंडेर जिसको वहकमतर व नीचीकहती न थकी एक दिन आया जलजलाचरमरा कर ढह गई मुंडेर आ कर गीरीदेहली के पास छू मंत्र हो गई तथाकथित श्रेष्ठता। -विनोद

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आज यह कैसी घड़ी

हिंदी कविता

भीड़ अब आगे बढ़ी, स्वार्थ में खूब अड़ीतंत्र हो गया घायल, आज यह कैसी घड़ी। कौन चोर कौन चौकीदार, पता नहीं चले यहाँअपनों के बीच खड़ी दुनिया, लगती कुटिल है यहाँभोले- भाले भूखे- प्यासे, बेघर हो घूमें जहाँआँखों में आँसू हैं उनके, हाय अब जाएँ कहाँ नीति भी सिर पर चढ़ी, हाथ में जादू- छड़ीकहीं

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राम-नाम विधा :- चौपाई

हिंदी कविता

राम-नाम विधा :- चौपाई राम-नाम लगे सबको प्यारा |सबने ही तन-मन में धारा ||राम सभी के पूज्य कहावे |सच्चे मन से सब जन ध्यावे || सबको सद् का मार्ग दिखाते |बीच भँवर से पार लगाते ||प्रभु नाम की जपे जो माला |रहते उन पर सदा कृपाला || छण में दुष्ट ताड़का मारी |छूँ कर शिला

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नन्हे बहादुर-लाल बहादुर शास्त्री जी

नारी जीवन और संवेदना

नन्हे बहादुर-लाल बहादुर शास्त्री जी दोहा छंद सदी बीस प्रारंभ में, चलती चौथी साल।दो अक्टूबर को लिए, जन्म बहादुर लाल।। जन्मे मुगल सराय में, वाराणसी सनेह।राम दुलारी मात थी, पिता शारदा गेह।। बचपन में गुजरे पिता, पले बढ़े ननिहाल।निर्धनता का सामना, करते पढ़ते लाल।। फिर चाचा के पास में, पहुँचे मुगलसराय।शिक्षा मे रह अग्रणी, लाल

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मनहरण घनाक्षरी -दशहरा

हिंदी कविता

किसी भी राष्ट्र के सर्वतोमुखी विकास के लिए विद्या और शक्ति दोनों देवियों की आराधना और उपासना आवश्यक है। जिस प्रकार विद्या की देवी सरस्वती है, उसी प्रकार शक्ति की देवी दुर्गा है। विजया दशमी दुर्गा देवी की आराधना का पर्व है, जो शक्ति और साहस प्रदान करती है। यह पर्व आश्विन मास के शुक्ल

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चिरनिन्द्रा-विनोद सिल्ला

हिंदी कविता

चिरनिन्द्रा जीत कर चुनाव हमारे राजनेतासो जाते हैं चिरनिंद्रा मेंचार वर्ष बाद चुनावी वर्ष में हीखुलती है इनकी जाग जागते हीलग जाते हैं फिर सेसाम-दाम-दण्ड-भेद आजमाने में छल-बल करकेजीत जाते हैं पुन: चुनाव उठाते हैं फायदाआम जनमानस कीचिरनिन्द्रा का जाने यह चिरनिन्द्राकब खुलेगी ? -विनोद सिल्ला

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