नाराच ( पंच चामर ) छंद
हिंदी कवितानाराच ( पंच चामर ) छंद : 24 मात्रा, ज र ज र ज गुरु । महान देश की ध्वजा पुनीत राष्ट्र गान है ।उठे सदा झुके नहीं अतीत गर्व प्राण है ।।खड़े रहे डटे रहे मिसाल दे जवान है ।अनंत कर्मयोग को सिखा रहा किसान है ।।दिशा सभी पुकारते निशा प्रभा बिखेरती ।सनेह […]
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