बेकरार दिल तुझे हुआ क्या

बेकरार दिल तुझे हुआ क्या

बेकरार दिल …तुझे हुआ क्या ?
तुझे देख कर ही जिंदगी हुई रंगीन।
दीदार हुआ चांद का, चेहरा तेरा आफरीन ।
आफरीन तेरी अदा ।
ऑफरीन सबसे जुदा
आफ़रीन माशा अल्लाह।
आफरीन मेरे खुदा ।
बेकरार दिल …
तेरी खूबसूरती अब तलक थी मस्तूरी ।
तू ना जाने हिरणी कहां तेरी कस्तूरी ।
बन गई तू मेरे लिए कलमा,
मेरा सजदा मेरा दीन ।
आफरीन तेरी अदा….

मनीभाई नवरत्न
मनीभाई नवरत्न

📝 कवि परिचय

यह काव्य रचना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना ब्लाक क्षेत्र के मनीभाई नवरत्न द्वारा रचित है। अभी आप कई ब्लॉग पर लेखन कर रहे हैं। आप कविता बहार के संस्थापक और संचालक भी है । अभी आप कविता बहार पब्लिकेशन में संपादन और पृष्ठीय साजसज्जा का दायित्व भी निभा रहे हैं । हाइकु मञ्जूषा, हाइकु की सुगंध ,छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण दर्शन , चारू चिन्मय चोका आदि पुस्तकों में रचना प्रकाशित हो चुकी हैं।

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