जंगल, प्रकृति का वह अनोखा हिस्सा है, जो न केवल हमारे पर्यावरण का संतुलन बनाए रखता है, बल्कि हमारी आत्मा को भी शांति प्रदान करता है। जंगल की हरियाली, विविध वन्य जीव, और वहाँ की शुद्ध वायु – यह सब मिलकर एक ऐसा वातावरण बनाते हैं, जो न केवल सुंदरता से परिपूर्ण है बल्कि जीवन को सही मायनों में समझने का अनुभव कराता है। इस लेख में, हम जंगल पर कविता और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे, साथ ही आपके साथ एक सुंदर कविता भी साझा करेंगे।

🌿 जंगल पर कविता : हरियाली का शाश्वत गीत
हरियाली का प्यारा संसार,
जंगल है धरती का उपहार।
पेड़ों की छाया, पंछी का गान,
हर पत्ता बोले जीवन ज्ञान।
जड़ों में बहती शीतल धार,
पत्तों में कैद प्राण-वायु अपार।
नदियाँ यहीं से राह बनाएं,
पर्वत भी वन को शीश नवाएं।
हिरन की छलाँग, शेर की चाल,
हाथी की मस्ती, मोर की ढाल।
हर जीव सिखाए सह-अस्तित्व,
जंगल है जीवन का वास्तविक तत्त्व।
जब कुल्हाड़ी गूँजे लोभ के संग,
मौन रो पड़े वन का हर अंग।
कटता जंगल, सूखती श्वास,
कैसे बचेगा मानव-आकाश?
आओ मिलकर प्रण यह लें,
हर पेड़ को अपना मित्र चुनें।
जंगल बचे तो कल बचे,
धरती हँसे, भविष्य सजे।





