KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

सबसे अच्छी सखा किताबें कहलाती है

सबसे अच्छी सखा किताबें कहलाती है किताबें ~~~~ हर जिज्ञासु के मन में पाने की चाह है, मंजिल तक पहुंचाने का यही एक राह है। नया करने का इनमे

वही विवेकानंद बने

वही विवेकानंद बने कलुष कर्म मानव जीवन में,नहीं गले का फंद बने।जो मन साधन करे योग का,वहीं विवेकानंद बने।उठो जागकर बढ़ो निरंतर,जब तक लक्ष्य नहीं मिलता।ज्ञान

किसान – धरती के भगवान

किसान - धरती के भगवान ★★★★★★★☆★★☆☆★★★★धरती के भगवान को निज,मत करना अपमान जी।जो करता सुरभित धरा को,उपजाकर धन धान जी।कॄषक सभी दुख पीर में जब,आज रहे है टूट

हम भारत के वासी

हम भारत के वासी जन्म लिए जिस पुण्य धरा पर,इस जग में जो न्यारा है।हम भारत के वासी हम तो,कण -कण इसका प्यारा है। देश वासियों चलो देश का,हमको मान बढ़ाना

सावन पर दोहे

सावन पर दोहे ★★★★★★★★सावन में पड़ने लगी,रिमझिम सरस फुहार।हरित चुनर ओढ़ी धरा,सुरभित है संसार।। कोयल कूके बाग में , दादुर करते शोर।सौंधी माटी की महक,फैल रही

किसान पर दोहे -डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”

किसान पर दोहे धरती पुत्र किसान का , मत करना अपमान।जो करता सुरभित धरा,उपजाकर धन धान।। कॄषक सभी दुख पीर में , आज रहे है टूट।करते रहे बिचौलिए , इनसे निसदिन