कविता बहार

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हम होंगे कामयाब – गिरिजाकुमार माथुर

हिंदी कविता

हम होंगे कामयाब – गिरिजाकुमार माथुर हम होंगे कामयाब,हम होंगे कामयाब,हम होंगे कामयाब एक दिन,मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास,हम होंगे कामयाब एक दिन होगी शान्ति चारों ओर,होगी शान्ति चारों ओर,होगी शान्ति चारों ओर एक दिन,मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास,होगी शान्ति चारों ओर एक दिन। नहीं डर किसी का आज,नहीं भय किसी […]

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सैनिक व सिपाही को अर्पित दोहा पच्चीसी

मन और भावनाएँ, ,

सैनिक व सिपाही को अर्पित दोहा पच्चीसी १बलिदानी पोशाक है, सैन्य पुलिस परिधान।खाकी वर्दी मातृ भू, नमन शहादत मान।। २खाकी वर्दी गर्व से, रखना स्व अभिमान।रक्षण गुरुतर भार है, तुमसे देश महान।। ३सत्ता शासन स्थिर नहीं, है स्थिर सैनिक शान।देश विकासी स्तंभ है, सेना पुलिस समान।। ४देश धरा अरु धर्म हित, मरते वीर सपूत।मातृभूमि मर्याद

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हिंदी संग्रह कविता- माँ! बस यह वरदान चाहिए

हिंदी कविता

माँ! बस यह वरदान चाहिए माँ बस यह वरदान चाहिए।जीवन-पथ जो कंटकमय हो, विपदाओं का घोर विलय हो।किन्तु कामना एक यही बस, प्रतिपल पग गतिमान चाहिए। माँ … हास मिले या त्रास मिले, विश्वास मिले या फास मिले।गरजे क्यों न काल सम्मुख, जीवन का अभिमान चाहिए॥ माँ… जीवन के इन संघर्षों में, दुःख – कष्ट

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हरिवंशराय बच्चन की १० लोकप्रिय रचनाएँ

मन और भावनाएँ

हरिवंशराय बच्चन की १० लोकप्रिय रचनाएँ सादर प्रस्तुत हैं आत्‍मपरिचय / हरिवंशराय बच्‍चन मैं जग-जीवन का भार लिए फिरता हूँ,फिर भी जीवन में प्‍यार लिए फिरता हूँ;कर दिया किसी ने झंकृत जिनको छूकरमैं सासों के दो तार लिए फिरता हूँ! मैं स्‍नेह-सुरा का पान किया करता हूँ,मैं कभी न जग का ध्‍यान किया करता हूँ,जग

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उठो स्वदेश के लिए -वंशीधर शुक्ल

हिंदी कविता

उठो स्वदेश के लिए -वंशीधर शुक्ल उठो स्वदेश के लिए, बने कराल काल तुम,उठो स्वदेश के लिए, बने विशाल ढाल तुम! उठो हिमाद्रि शृंग से, तुम्हें प्रजा पुकारती,उठो प्रशस्त पन्थ पर, बढ़ो सुबुद्ध भारती!जगो विराट देश के, तरुण तुम्हें निहारते,जगो अचल, मचल, विकल, करुण तुम्हें दुलारते । बढ़ो नयी जवानियाँ, सर्जी कि शीश झुक गए,बढ़ो

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वैशाख शुक्ल अक्षय तृतीया पर कविता – विकाश बैनीवाल

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वैशाख शुक्ल अक्षय तृतीया पर कविता जय किसान,जय जाट जमींदार,है आज आखातीज का त्यौहार। खेती-बड़ी सदैव फल्ले फुलेअन्न-धन्न का भण्डार भरे,राष्ट्र रीढ़ की हड्डी किसानपरमात्मा इसके दुःख हरे। ये धरती किसान की माँ हैऔर बादल किसान का बाप,इंद्र देव वर्षा करो,वर्षा करोकरता किसान नीत यही जा। बारहमास रहे हरे खलियानखुश रहे हमारा ये किसान,जय जवान

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गुरु गोबिन्द सिंह जयंती पर कविता

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गुरु गोबिन्द सिंह जी का जन्म 22 दिसंबर 1666 में पटना, बिहार में हुआ था। उनके पिता का नाम गुरु तेग बहादुर और माता का नाम गुजरी था। उनके बचपन का नाम गोबिन्दराय था। गुरु गोबिन्द सिंह जी जीवन भर मुगलों से संघर्ष करते रहे। मुगलों के साथ उन्होंने 14 युद्ध लड़े। देश और धर्म के लिए उनका पूरा परिवार शहीद हो गया। उनके कर्मों ने उन्हें नर से नारायण बना दिया। महाराष्ट्र के नांदेड़ में, 7 अक्टूबर 1708 को वे अपना मानव शरीर छोड़कर अनंत में विलीन हो गए।

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बंद करो तुम आतंकवाद- अशोक शर्मा (आतंकवाद विरोधी दिवस कविता)

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बंद करो तुम आतंकवाद- अशोक शर्मा (आतंकवाद विरोधी दिवस कविता) मानव से मानव का झगड़ा,बढ़ रहा है कितना तगड़ा।हो रहे हैं नरसंहार, देश देश से अत्याचार । मर रहा मानव दोष क्या,ऐसा है नर में जोश क्या, उन्नति का कैसा आस होता।जिसमें मानव विनाश होता। सीमाओं का झगड़ा बंद करो, आपस का रगड़ा बंद करो,

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हिंदी संग्रह कविता-एकता अमर रहे

मन और भावनाएँ

एकता अमर रहे देश है अधीर रे!अंग-अंग पीर रे!वक्त की पुकार पर,उठ जवान वीर रे!दिग्-दिगंत स्वर रहे!एकता अमर रहे!!एकता अमर रहे !! गृह-कलह से क्षीण आज देश का विकास है,कशमकश में शक्ति का सदैव दुरुपयोग है।हैं अनेक दृष्टिकोण, लिप्त स्वार्थ-साध में,व्यंग्य-बाण-पद्धति का हो रहा प्रयोग है।देश की महानता,श्रेष्ठता, प्रधानता,प्रश्न है समक्ष आज,कौन, कितनी जानता?सूत्र सब

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पेड़ लगावव जिनगी बचावव-तोषण कुमार चुरेन्द्र

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पेड़ लगावव जिनगी बचावव-तोषण कुमार चुरेन्द्र रूख राई डोंगरी पहाड़ी रोवत हे पुरजोर…हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर…. पेड़ लगावव जिनगी बचाववधरती दाई के प्यास बुझाववनदिया नरवा सूख्खा परगे,अब तो थोरिक चेत लगावव गली मुहल्ला सुन्ना परगे सुन्ना होगे गा खोर….हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर…. कोरोना के कहर चलत हेमनखे

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तंबाकू निषेध दिवस पर लेख – शशांक गर्ग

नारी जीवन और संवेदना

नाम – शशांक गर्ग
पता – आर्दश कॉलोनी किशनगढ़-बास अलवर राजस्थान …

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आतंकवाद विरोध दिवस पर कविता -अकिल खान

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21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया। इस दिन हर सरकारी कार्यालयों, सरकारी उपक्रमों और अन्य सरकारी संस्थानों में आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है। आतंकवाद विरोध दिवस पर कविता -अकिल

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