कविता बहार

अगले जनम मोहे बिटिया ना बनाए

हिंदी कविता

अगले जनम मोहे बिटिया ना बनाए बचपन में ही मेरी डोर थी बांधीतब मैं उसे समझ ना पाई॥पर बाद में पता चला कि,यह राह तो मुझे शैतान तक है ले आयी॥ पढ़ाई करने की उम्र मेंमेरी शादी है रचाई॥विदा कर मुझेसबके मन को तसल्ली है आयी॥ चूल्हे की आग मेंमैंने खाना भी बनाया॥हाथ में पड़े […]

अगले जनम मोहे बिटिया ना बनाए Read More »

मोर छत्तीसगढ़ महतारी

Uncategorized

मोर छत्तीसगढ़ महतारी मोर छत्तीसगढ़ महतारी,तोर अलग हे चिनहारी!देवता धामी ऋषि मुनि मन,तप करीन इहाँ भारी!! आनी बानी के रतन भरे हे ,इहाँ के पावन माटी म !मया पिरती बढ़त रहिथे ,गिल्ली डंडा अऊ बांटी म !!नांगमुरी करधनिया संग म ,दाई गोड़ म पहिरे सांटी ….. भिलाई कोरबा बैलाडीला म,बड़़े – बड़े कारखाना हे !कटकट – कटकट डोंगरी

मोर छत्तीसगढ़ महतारी Read More »

महिमा मोर छत्तीसगढ़ के..गीत पद्मा साहू पर्वणी

हिंदी कविता

महिमा मोर छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ महतारी मोर, तोर महिमा हे बड़ भारी।गजब होवत हे नवा बिहान, छत्तीसगढ़ के संगवारी। ये भुइयाँ के नाम हे पहिली दक्षिण महाकोसल,अउ हे छत्तीस किला ले एकर छत्तीसगढ़ नाम।लव-कुश के जनम इही भुइयाँ मा संगी,कौशिल्या के मईके, अउ ननिहाल हरे प्रभु राम ।मध्यपरदेश के दुहिता, दाई मोर छत्तीसगढ़,हरियर लुगरा पहिने

महिमा मोर छत्तीसगढ़ के..गीत पद्मा साहू पर्वणी Read More »

कोरोना या करमा

नारी जीवन और संवेदना

कोरोना या करमा नर मे वास करें नारायणनारी में नारायणी ,हे मानव॥स्वयंम को समझअपने कर्मों को तू बदल॥ चांद ,सूरज, पृथ्वी ,गगनसब अपने कार्य में है मगन॥नीति देखो रे मनुष्य कीजो खो गई जाने किस भवन॥ रोज सवेरे स्नान करे वोतन को रखें स्वच्छ॥मन का मैल ना धुल पावेगाचाहे काशी गंगा जावे हर वर्ष॥ तूने

कोरोना या करमा Read More »

कलयुग और रामायण

हिंदी कविता

कलयुग और रामायण सतयुग की हम बात सुनावे राजा दशरथ के पुत्र यहां है ॥ राम जिसका है नाम प्रतापी गायॆ सब मुनिवर उनकी वाणी॥ कलयुग में जो खेल रचा है हर मनुष्य सबसे जुदा है॥ स्वार्थ से  यहां इंसान बना है पीड़ा के दुख में उलझा है॥ राम करे पिता की सेवा माता सीता

कलयुग और रामायण Read More »

वृद्ध आश्रम पर कविता

हिंदी कविता

वृद्ध आश्रम पर कविता आंखों में आंसू औरहर जगह उजाला से छाया |जब वो नन्हा सा बालकइस दुनिया में आया || दिन भर का थका भीमैं भागा चला आता |क्योंकि सो ना जाए वोमेरा लाडला दुलारा || उसके बोल सुनकरमैं खील उठाता दोबारा |अभिमान है वो मेरामेरी आंखों का तारा || आज २५ का हो

वृद्ध आश्रम पर कविता Read More »

mother their kids

माँ पर कविता

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। माँ पर कविता माँ,तेरे आंसू को मैं आज पोछ ना पाईतेरे दर्द को मैं आज मोल ना पाई ॥तेरे

माँ पर कविता Read More »

दोस्ती का रिश्ता

हिंदी कविता

दोस्ती का रिश्ता जन्म से सारे रिश्ते लिखित आवे मात-पिता अनुज सब उपहार में पावे | दोस्ती हि ऐसा रिश्ता माना जावे जसका चुनाव हम स्वयं है करत आवे || यही है दोस्ती॥ २॥  संगत अपनी खुद परखी जावे जो दुनिया से पहचान करावे | और पीड़ा में रहे साथ हमारे नहीं बस दिखावे की

दोस्ती का रिश्ता Read More »

जीवन की कल्पना

हिंदी कविता

जीवन की कल्पना चाह नहीं मै बनूं डॉक्टर , मरीजों से पैसा पाऊं।चाह नहीं मैं बन आई ए एस, स्कीमों में लिपटा जाऊं।चाह नहीं मै बनूं मास्टर, ऑनलाइन क्लास लेता जाऊं।चाह नहीं मैं बन इंजीनियर , नौकरी के लिए धक्का खाऊं।चाह नहीं मैं बनूं वैज्ञानिक, खोजों में मै घिरता जाऊं।मुझे बनाकर एक सैनिक, उस पथ

जीवन की कल्पना Read More »

यूपी बोर्ड की एक झलक

हिंदी कविता

यूपी बोर्ड की एक झलक मैं यूपी बोर्ड का पढ़ा लिखा तुम सी बी एस सी की क्वीन प्रिय ,तुम सुनती सोंग शकीरा के मैं किशोर लता में लीन प्रिय ,तुम करती पसंद पिज्जा बर्गर मै घी रोटी का शौकीन प्रिय ,तुम घूमने जाती पार्कों में मै खेतों की राहों में लीन प्रिय,तुम करती सबसे

यूपी बोर्ड की एक झलक Read More »

Scroll to Top