अगले जनम मोहे बिटिया ना बनाए
हिंदी कविताअगले जनम मोहे बिटिया ना बनाए बचपन में ही मेरी डोर थी बांधीतब मैं उसे समझ ना पाई॥पर बाद में पता चला कि,यह राह तो मुझे शैतान तक है ले आयी॥ पढ़ाई करने की उम्र मेंमेरी शादी है रचाई॥विदा कर मुझेसबके मन को तसल्ली है आयी॥ चूल्हे की आग मेंमैंने खाना भी बनाया॥हाथ में पड़े […]
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