कविता बहार

प्रकृति पर कविता

विज्ञान, तकनीक और भविष्य, , ,

प्रकृति पर कविता सप्त सुरीला संगीत है , प्रकृति का हर तत्व । सजा देता यह जीवन राग, भर देता है महत्त्व। एक एक सुर का अपना ,अलग ही अंदाज है । समझना तो पड़ेगा हमें ,अब तो इसका महत्व ।। समय आने पर सब कुछ जता देती है ये हमें कहीं गुना ज्यादा राज

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mahatma gandhi

बापू पर कविता

हिंदी कविता

बापू पर कविता ये राष्ट्र सदा ऋणी रहेगा,बापू तेरे उपकार का।तू लाल भारत भूमि का,आदर्श बना संसार का।। वृद्ध वयस और दुर्बल काया,कोई ऐसी तो बात थी।हुंकार भरा जब-जब तूने,जनता तेरे साथ थी।नाव बनाया जनसमूह का,तू उसका पतवार था।तू लाल भारत भूमि का,आदर्श बना संसार का।। सत्य को अस्त्र बनाया तूने,अहिंसा तेरा शस्त्र बना।ऐसी क्या

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jai laxmi maata

लक्ष्मी माता की आरती

हिंदी कविता

लक्ष्मी माता की आरती ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।तुमको निस दिन सेवत हर-विष्णु-धाता॥ ॐ जय… उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय… तुम पाताल-निरंजनि, सुख-सम्पत्ति-दाता।जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि-धन पाता॥ ॐ जय… तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता॥ ॐ जय… जिस घर तुम रहती, तहं

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देश को एकता के सूत्र में बांधे हिंदी

हिंदी कविता

देश को एकता के सूत्र में बांधे हिंदी देश को एकता के सूत्र में बांधे हिंदी।भारत के भाल की सुंदर सी सजी बिंदी।हिंदी केवल एक भाषा ही नहीं।राष्ट्र का गौरव गान है हमारी हिंदी।1।दिलों को जोड़े ऐसी सरल भाषा है हिंदी।हर हिंदुस्तानी की गर्व की अभिलाषा भाषा है हिंदी।इतना होते हुए भी ये कैसी बिडम्बना

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हिन्दी हिन्द का मान है

हिंदी कविता

हिन्दी हिन्द का मान है हिन्दी हिन्द का मान है ।भारत के ग्रथों का ज्ञान हैं ।जन जन की पहचान  हैं । कबीर सूर  का सम्मान है । मीठे सरल हिंदी के बोल ।दे दिलो में मिश्री ये घोल । विश्व पटल का सार हिन्दीजन जन की पुकार हिन्दी ।हिन्दी का गुणगान करेंगे ।हिन्दी का हम मान करेंगे

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पखवाड़े में सिमटी हिंदी

हिंदी कविता

पखवाड़े में सिमटी हिंदी पखवाड़े में सिमटी हिंदी, बेबस और लाचार सी, अपनों से अपमान है सहती, अपनों को ही पुकारती। जो अपनी ही माता को, माता कहने से शरमाता हो, जो निज राष्ट्रभाषा को खुलकर, बोलने से कतराता हो,आने वाली उनकी पीढ़ी, अस्तित्व को नहीं स्वीकारती।अपनों से अपमान है सहती, अपनों को ही पुकारती। मैं जिनकी बोली जिनकी भाषा, उनको ही मेरा मान नहीं, सम्मान और

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कुसुम की कलम से : जिंदगी में कुछ अपनो के किस्से खास होते हैं

हिंदी कविता

कुसुम की कलम से जिंदगी में कुछ अपनो के किस्से खास होते हैंछलते हैं वे ही हमें जो दिल के पास होते हैं।वंचना भी करते हैंफिर भी खुशी की आस होते हैंलहरों के नर्तन में नाविक का विश्वास होते हैं।न जाने क्यों फिर भी हम उनके साथ होते हैंवे ही हमारी सुबह शाम और रात

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हिंदी दिवस जन – जन की भाषा हिन्दी-अजय मुस्कान

हिंदी कविता

हिन्‍दी दिवस 14 सितम्बर को  देशभर में मनाया जाता है। 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिन्‍दी को देश की राजभाषा के रूप में स्‍वीकार किया था। हिन्‍दी विश्‍व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में एक है और 52 करोड से अधिक लोगों की पहली भाषा है।

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हिंदी मेरी भाषा -रूपेश कुमार

हिंदी कविता

हिन्‍दी दिवस 14 सितम्बर को  देशभर में मनाया जाता है। 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिन्‍दी को देश की राजभाषा के रूप में स्‍वीकार किया था। हिन्‍दी विश्‍व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में एक है और 52 करोड से अधिक लोगों की पहली भाषा है।

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दर्द पर दोहे- मदन सिंह शेखावत ढोढसर

विरह और दर्द, हिंदी कविता

दर्द पर दोहे दर्द किसी को दे नही ,हे  जग  के करतार।दर्द देखा जाय नही ,किससे करू पुकार ।।1 दीन दुखी सब खुश हो, पीड़ा किसे न आय।सब जनता खुश हाल हो, विपदा नही सताय।।2 होती  मन  मे  वेदना,दर्द  दुखी  कर  जाय ।विपदा आफत टाल कर,सब की करे सहाय ।।3 दर्द  किसी  को  दे नही,लौटे 

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