कविता बहार

प्रेम के गीत – बाबूलाल शर्मा विज्ञ

हिंदी कविता

प्रेम के गीत – बाबूलाल शर्मा लिखे प्रेम के गीत सुहाने।रीति सनातन मीत निभाने।।‘विज्ञ’ बने मन मीत हमारे।प्रीति निभे सद्भभाव विचारे।।१ कर मात्रा का ज्ञान रचें कवि।‘विज्ञ’ सृजन करते देखे रवि।।हो स्थायी लय तान सुहानी।सम तुकांत लेते कवि ज्ञानी।। २ लिखें अंतरे मनहर प्यारे।समतुकांत रखिए कवि न्यारे।।‘विज्ञ’ शब्द मन रंग अनोखे।लिखें विषय सम्बंधित चोखे।।३ लिखिए […]

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परोपकार की देवी मदर टेरेसा पर कविता

हिंदी कविता

मदर टेरेसा पर कविता : मदर टेरेसा (26 अगस्त 1910 – ५ सितम्बर 1997) जिन्हें रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा कलकत्ता की संत टेरेसा के नाम से नवाज़ा गया है, का जन्म आन्येज़े गोंजा बोयाजियू के नाम से एक अल्बेनीयाई परिवार में उस्कुब, उस्मान साम्राज्य में हुआ था। मदर टेरसा रोमन कैथोलिक नन थीं, जिन्होंने 1948

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लालसा पर कविता

हिंदी कविता

लालसा पर कविता लालसा न चाह का है ,जीवन में कुछ पाने कोलालसा न बड़ा बनू, न बहुत कुछ कर जाने कोछीन कर खुशियां किसी की, रोटियां दो वक्त कीमैं चलूं तारों को लाने,छोड़ इन्हें मर जाने को धिक्कार है जीवन को ऐसे,धिक्कारता हूं लोग कोजो अपनी ही खुशियों के खातिर,तैयार हैं मर जाने कोचाहता

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दूजराम साहू के छत्तीसगढ़ी कविता

नारी जीवन और संवेदना

दूजराम साहू के छत्तीसगढ़ी कविता मोर गांव मे नवा बिहान झिटका कुरिया अब नंदावत हे,सब पक्की मकान बनावत हे ,खोर गली  सी सी अभियान आगे ,अब मोर गांव मे  नवा बिहान आगे।खाए बर अन ,तन बर कपड़ा ,खाए  पीये के अब नईहे लफड़ा ,रोजी मजूरी बर रोजगार गारेंटी अभियान आगे ,अब मोर  गांव मे नवा

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गगन उपाध्याय नैना की रचनाएँ

हिंदी कविता

गगन उपाध्याय नैना की रचनाएँ : यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। माँ वर्णन जो गाये लिखते लिखते मेरी लेखनी                अकस्मात रूक जायें।कोई शब्द नहीं

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हाइकु कैसे लिखें (How to write haiku)

हिंदी कविता

हाइकु कैसे लिखें “हाइकु” एक ऐसी सम्पूर्ण लघु कविता है जो पाठक के मर्म या मस्तिष्क को तीक्ष्णता से स्पर्श करते हुए झकझोरने की सामर्थ्य रखता है । हिन्दी काव्य क्षेत्र में यह विधा अब कोई अपरिचित विधा नहीं है । विश्व की सबसे छोटी और चर्चित विधा “हाइकु” 05,07,05 वर्ण क्रम की त्रिपदी लघु

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पद्ममुख पंडा महापल्ली के 10 हिंदी कवितायेँ

देशभक्ति

पुरातन काल में गुरू के प्रति शिष्य की जो प्रगाढ़ भक्ति भावना थी, वह अब कहीं भी देखने को नहीं मिलता है।

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आज के समय की पुकार पर कविता

समय और जीवन दर्शन, हिंदी कविता

आज के समय की पुकार पर कविता आओ हम सब एक बनें छोड़ बुराई नेक बनें।जन-जनअपनाकरे सुधार आज समय की यही पुकार।दहेज दानव का नाम मिटायें जलती बहु बेटी बचायेंगे।जागरूक हो जतन करें निज डोली नहीं लुटेरे कहार। सब कोई सोचे समझे सुने भ्रष्ट नेता कदापि न चुने।भ्रष्ट नेताओं के कारण ही देश में बढता

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स्वामी विवेकानंद

यौवन पर हिन्दी कविता ( युवा दिवस विशेष )

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

यौवन पर हिन्दी कविता यौवन तो ढलता सदा , मान यही है सार ।लौट नहीं आता कभी , बीते पल जो चार ।।बीते पल जो चार , कर्म सत करिए प्यारे ।वृद्धावस्था रोग , सताए हिम्मत हारे ।।नियति कहे कर जोड़, पुष्ट होता है तन-मन ।इसी उम्र में साध , सफल होगा फिर यौवन ।।

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शोकहर/सुभांगी छंद में कविता

हिंदी कविता

शोकहर/सुभांगी छंद में कविता ~ *शोकहर/सुभांगी छंद* ~ *विधान- 8,8,8,6* *तुकांत- पहली दूसरी यति अंत तुकांत* *चरण- चार चरण सम तुकांत* नंद दुलारे जन जन प्यारे, हे गोपाला, ध्यान धरो। हे कमलनयन हे मनमोहन नाथ द्वारिका कृपा करो। अजया अच्युत अनया अदभुत लाल यशोदा कष्ट हरो। हे ज्ञानेश्वर हे मुरलीधर पार्थसारथी राह वरो। हेआदिदेव देवाधिदेव

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सागर पर हिंदी कविता – सुकमोती चौहान रुचि

हिंदी कविता

सागर पर हिंदी कविता सागर गहरा ज्ञान सा, बड़ा वृहद आकार |कौन भला नापे इसे, डूबा ले संसार |डूबा ले संसार, नहीं सीमा है कोई |कहलाये रत्नेश, यही कंचन की लोई |कहती रुचि यह बात , यही मस्ती का आगर |अनुपम दे आनंद,देख लो गहरा सागर || सागर तट पर बैठकर ,लहरें गिनकर आज |भाव

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किसे पता है कल क्या होगा – बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

किसे पता है कल क्या होगा निज स्वार्थ में बल क्या होगा?कभी किसीका भल क्या होगा?वर्तमान का सदुपयोग कर- आज नहीं तो कल क्या होगा? एकता बिन मनोबल क्या होगा?साहस बिन सम्बल क्या होगा?पीर पराई बिन दुनीयां में-सोचो अश्रु जल क्या होगा? प्यार बिना पल-पल क्या होगा?शान्ति सुख अचल क्या होगा?पल में परलय- लय सब

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