देशभक्ति

खुदीराम बोस

खुदीराम के नाम का गान /मनीभाई नवरत्न

देशभक्ति, हिंदी कविता

खुदीराम बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनके साहस, बलिदान और देशप्रेम को समर्पित एक गीत प्रस्तुत है: खुदीराम के नाम का गान (Verse 1)वो नन्हा वीर था, पर दिल में जोश था, नादान नहीं था , उसे होश था जिसके बलिदान से, […]

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भारत छोडो आन्दोलन

भारत छोड़ो का जयघोष (भारत छोड़ो आंदोलन पर एक कविता)

देशभक्ति,

यहां भारत छोड़ो आंदोलन पर एक कविता प्रस्तुत है: भारत छोड़ो का जयघोष सुनो कहानी वीरों की, जब भारत हुआ बेखौफ,आजादी का बिगुल बजा, उठा स्वतंत्रता का शोर।नव जागरण की लहर चली, एकता का उठा संकल्प ,भारत छोड़ो का नारा गूंजा, देश की हुई कायाकल्प । अंग्रेजों की हुकूमत से, तंग हो गया था आमजन,तोड़नी

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पुष्प की अभिलाषा

पुष्प की अभिलाषा हिंदी कविता

देशभक्ति, हिंदी कविता

“पुष्प की अभिलाषा” माखनलाल चतुर्वेदी की एक प्रसिद्ध कविता है, जिसमें एक पुष्प (फूल) की इच्छाओं और उसकी बलिदानी भावना का सुंदर वर्णन किया गया है। इस कविता के माध्यम से, कवि ने देशभक्ति और आत्म-समर्पण की भावना को प्रस्तुत किया है। पुष्प की अभिलाषा / माखनलाल चतुर्वेदी चाह नहीं, मैं सुरबाला केगहनों में गूँथा

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नन्हा मुन्ना राही हूँ देश का सिपाही हूँ बाल गीत

देशभक्ति, हिंदी कविता

“नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ” यह एक प्रसिद्ध हिंदी बाल गीत है जो बच्चों के बीच प्रसिद्ध है। यह गीत देशभक्ति की भावना को उत्तेजित करता है और बच्चों को अपने देश के प्रति प्रेरित करता है। नन्हा मुन्ना इस गीत में एक बच्चे को संदेश देता है कि वह अपने देश

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Republic day

सेना दिवस पर हिंदी कविता

देशभक्ति, महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

भारतीय सैनिकों का दर्द हम कम से कम अपने दिल में उतार कर देश की सेना को सम्मान के नजरिए से देखें तो यह भी एक बड़ी देशभक्ति होगी। सीमा पर तैनात एक जवान का दर्द इस कविता में शामिल किया गया है। सैनिकों पर कविता सर पे कफ़न बाँधे, हाथ में बंदूक ताने।बढ़ते वीर

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समर शेष है रुको नहीं

देशभक्ति, हिंदी कविता

समर शेष है रुको नहीं समर शेष है रुको नहींअब करो जीत की तैयारीआने वाले भारत कीबाधाएँ होंगी खंडित सारी ,राजद्रोह की बात करे जोउसे मसल कर रख देनादेशभक्ति का हो मशाल जोउसे शीश पर धर लेना,रुको नहीं तुम झुको नहीं अब मानवता की है बारीसुस्त पड़े सब शीर्ष पहरुएजनमानस दण्डित सारी,कालचक्र जो दिखलाए तुमउसे

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mahapurush

शहीदों पर कविता

देशभक्ति

शहीदों पर कविता , उस व्यक्ति को हम शहीद कहते हैं. ऐसे व्यक्ति जो कि किसी भी लड़ाई में देश की सुरक्षा करते हुए या देश के नागरिकों की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देते हैं. ऐसे व्यक्तियों को शहीद कहा जाता है. यह व्यक्ति पुलिस, जल सेना, वायु सेना, थल सेना, BSF, होम

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माटी की शान वीर नारायण सिंह पर

देशभक्ति, हिंदी कविता

भारत को आजादी पाना इतना नहीं था आसान ।वीरों ने संघर्ष किया और किया अपना बलिदान ।अग्रगण्य हैं उनमें सदा छत्तीसगढ़ के वीर महान।शहीद वीर नारायण सिंह बने इस माटी की शान। भुखमरी का शिकार हो रहे थे ,हमारे प्रांतवासी।कोई नहीं देख सकता ऐसा दृश्य जो हो साहसी।क्रूर माखन का लूटा गोदाम, संकोच ना जरा

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पद्ममुख पंडा महापल्ली के 10 हिंदी कवितायेँ

देशभक्ति

पुरातन काल में गुरू के प्रति शिष्य की जो प्रगाढ़ भक्ति भावना थी, वह अब कहीं भी देखने को नहीं मिलता है।

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अमर शहीदों पर कविता – महदीप जँघेल

देशभक्ति, हिंदी कविता

अमर शहीदों पर कविता – महदीप जँघेल जिसके दम पर खड़ा है भारत,जिसे पूरा राष्ट्र करे सलाम।भारत के ऐसे अमर शहीदों को,हमारा शत् शत् है प्रणाम। आजादी के लिए खून बहाकर,देते वीर देशभक्ति का पैगाम।राष्ट्र के लिए मर मिटने वाले,अमर शहीदों को सादर प्रणाम। गुलामी का जंजीर तोड़कर,किया राष्ट्र धर्म का काम।वीर सपूतों को जन्म

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सुभाष चंद्र बोस – डॉ एन के सेठी

देशभक्ति, हिंदी कविता

सुभाष चंद्र बोस – डॉ एन के सेठी आजादी के नायक थेमातृभू उन्नायक थेजीवन अर्पण कियाऐसे त्यागी वीर थे।। भारत माँ हुई धन्यदेशभक्ति थी अनन्यजयहिन्द किया घोषकर्मयोगी वीर थे।। त्याग दिया घर बारकिया वतन को प्यारशत्रु के लिए सदा वोतेज शमशीर थे।। भारत माँ के सपूतसाहस भरा अकूतझुके नहीं रुके नहींदेश तकदीर थे।। नाम सुभाष

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महदीप जंघेल की कविता

देशभक्ति

महदीप जंघेल की कविता बचपन जीने दो भविष्य की अंधी दौड़ में,खो रहा है प्यारा बचपन।टेंशन इतनी छोटी- सी उम्र में,औसत उम्र हो गया है पचपन। गर्भ से निकला नहीं कि,जिम्मेदारी के बोझ तले दब जाते,आपको ये बनना है,वो बनना है,परिवार के लोग बताते। तीन साल के उम्र में ही,बस्ता का बोझ उठाते है।कंपीटिशन ऐसा

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