इश्क पर कविता-माधवी गणवीर, छत्तीसगढ़
हिंदी कविताइश्क पर कविता यू इस तरह न मुंह मोड़ कर चला करो,है इश्क तो जुबां से भी कहा करो। क्यों हाथ मिलाने पर रहते हो आमादा हर वक्त,अजनबी लोगों से थोड़ा फासले से मिला करो। भूल सकते नहीं तेरे अहसास कभी हम,हर राह पर, हर मोड़ पर तुम ही तुम दिखा करो। हर वक्त यूं […]
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